मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से महायुति गठबंधन के भीतर सबकुछ ठीक न होने की खबरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। हालांकि ऊपरी तौर पर शिवसेना (शिंदे गुट), बीजेपी और एनसीपी (अजित पवार गुट) एकजुट दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भीतर खाने चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने एक बड़ा दावा कर राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए भविष्यवाणी की है कि अगले महीने के अंत तक महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ बहुत बड़ा उलटफेर होने वाला है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में चल रही चर्चाएं कि सत्ताधारी दल विपक्ष के विधायकों को तोड़ेंगे, पूरी तरह निराधार हैं। रोहित पवार के अनुसार, हकीकत इसके उलट है और सत्ता में शामिल बड़ा दल (बीजेपी) अपने ही सहयोगी दलों का ‘शिकार’ करने की तैयारी में है। उनके इस बयान ने शिंदे और अजित पवार गुट की मुश्किलों को बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
भोंदू बाबा मामला केवल एक शुरुआत
नासिक के चर्चित भोंदू बाबा अशोक खरात मामले का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने कहा कि यह प्रकरण अचानक सामने नहीं आया है, बल्कि इसे एक सोची-समझी रणनीति के तहत बाहर लाया गया है। उन्होंने इसे आने वाले बड़े राजनीतिक तूफान की महज एक शुरुआत बताया है। रोहित ने अपनी पोस्ट में तंज कसे हुए लिखा कि आज भले ही बीजेपी अपने सहयोगियों के प्रति ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’ का भाव दिखा रही हो, लेकिन जल्द ही उनके सहयोगियों की स्थिति ‘जा बेवफा जा’ जैसी हो जाएगी।
खरात फाइल्स’ से आएगा तूफान: संजय राउत
रोहित पवार के इस दावे का समर्थन करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला है। राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राजनीतिक ‘शिकार’ करने का शौक है और रोहित पवार की बात सच साबित होगी। उन्होंने दावा किया कि अशोक खरात के पास फडणवीस मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों के राज दफन हैं। जैसे ही ‘खरात फाइल्स’ के गोपनीय दस्तावेज और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) की जानकारी सार्वजनिक होगी, कई बड़े नेताओं की राजनीतिक बलि चढ़ना तय है।
गृह मंत्रालय पर सूचना लीक करने का आरोप
संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसी सामान्य व्यक्ति या कार्यकर्ता को सीडीआर जैसी गोपनीय जानकारी आसानी से नहीं मिल सकती। उन्होंने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय की मदद से ही ये जानकारियां बाहर लाई जा रही हैं ताकि अपनों को ही फंसाया जा सके। राउत के अनुसार, खरात मामले में जो तूफान आने वाला है, वह महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा बदल देगा। इन बयानों के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले डेढ़ महीने में महाराष्ट्र की सत्ता संरचना में क्या नया मोड़ आने वाला है।

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