मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिडे ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महानगरपालिका की बुनियादी सेवाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ जन-केंद्रित तरीके से उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। 11 अप्रैल 2026 को नगरपालिका मुख्यालय में आयोजित सभी विभागों की मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को ‘बैक टू बेसिक्स’ का मंत्र देते हुए कहा कि नागरिक सेवाओं से आगे बढ़कर ‘बियॉन्ड बेसिक्स’ की दिशा में काम करना अब समय की मांग है।
जनप्रतिनिधियों से जुड़ें, लोगों तक पहुंचें
बैठक में भिडे ने अधिकारियों को कहा कि जनप्रतिनिधि स्थानीय समस्याओं और जमीनी हकीकत को सामने लाने का महत्वपूर्ण काम करते हैं, इसलिए प्रत्येक अधिकारी नगरसेवकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखे। उनकी सूचनाओं और प्रतिक्रियाओं पर अमल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सहायक आयुक्तों की होगी। उन्होंने कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि पारदर्शी और सक्रिय सूचना प्रसार के कारण ही हम उस संकट में सफल रहे थे और अब भी उसी सक्रियता से काम करना होगा।
मानसून से पहले सड़क कार्य पूरे करें
मुंबई में बड़े पैमाने पर चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि जो कार्य 70 प्रतिशत से अधिक पूरे हो चुके हैं, उन्हें 1 जून से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए ताकि मानसून के दौरान यातायात सुचारू और सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पानी भराव वाले चिह्नित स्थानों पर दीर्घकालीन समाधान के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, मानसून से पहले एक भी मैनहोल खुला न रहे और सभी पर जाली लगाई जाए, इसकी कड़ाई से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में मुंबई की सड़कों पर गड्ढों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है और इस पर होने वाला खर्च भी लगातार घट रहा है।
नाला सफाई की जानकारी रोज नागरिकों तक पहुंचाएं
बृहन्मुंबई क्षेत्र के छोटे-बड़े नालों की सफाई का कार्य तेजी से जारी है। इसकी वार्ड-वार समीक्षा बैठक में की गई। मनपा आयुक्त ने निर्देश दिए कि नाला सफाई की दैनिक प्रगति की जानकारी नगरसेवकों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों तक नियमित रूप से पहुंचाई जाए। इससे न केवल नागरिकों को काम की स्थिति की जानकारी मिलेगी, बल्कि उनके सुझाव भी प्रशासन तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नाला सफाई की जानकारी नगरपालिका के सोशल मीडिया माध्यमों से भी नियमित रूप से प्रसारित की जाए।
स्वच्छता को प्रोजेक्ट नहीं, आदत बनाएं
ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की कार्यवाही और विभिन्न स्वच्छता अभियानों की समीक्षा के बाद भिडे ने कहा कि नागरिक स्वच्छता को किसी परियोजना की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक नियमित और निरंतर प्रक्रिया है और अधिकारियों को इसके लिए स्वअनुशासन के साथ काम करना होगा। उन्होंने सहायक आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर अपने-अपने विभागों में नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करें ताकि स्वच्छता की वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सके।
नए व्यवसायों की जरूरतों के अनुसार हो बुनियादी ढांचे का निर्माण
विकास नियोजन की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि ऑनलाइन खाद्य वितरण, गिग वर्कर्स और डिलीवरी पॉइंट्स जैसे नए उभरते व्यवसायों की जरूरतों को अब विकास योजना में शामिल करना आवश्यक है। केवल पारंपरिक बुनियादी ढांचे की सोच से आगे बढ़कर इन नए क्षेत्रों को संरचनात्मक सहयोग देने की दिशा में भी काम होना चाहिए। आरक्षित भूखंडों की स्थिति जानने और उनकी स्थान-निश्चिति के लिए जीआईएस जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के भी निर्देश उन्होंने दिए। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा, डॉ. अश्विनी जोशी, अभिजीत बांगर, डॉ. अविनाश ढाकणे, सह आयुक्त डॉ. एम. देवेंदर सिंह सहित सभी सह आयुक्त, उप आयुक्त, सहायक आयुक्त और विभाग प्रमुख उपस्थित थे।

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