मुंबई: एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहने के दौरान खुद को सीएमओ (मुख्यमंत्री) कार्यालय में अधिकारी बताकर एक ठग और सहयोगियों के ने एक व्यापारी को लगभग 2.5 करोड़ रुपए का चूना लगाया था। यह चौंकाने वाला मामला अब सामने आया है। इस सनसनीखेज मामले में पता चला है कि आरोपी विश्वास जितने के लिए पीली बत्ती कार में बैठकर व्यापारी को मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ बंगले पर भी ले गया था।
एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में वैभव ठाकर नामक आरोपी, उसकी पत्नी, सास और एक दलाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जवेरी बाजार के व्यापारी शैलेश जैन इस धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। शिकायत में शैलेश ने बताया है कि नियमित रूप से व्यापार करने वाले दलाल बिरजू ने उन्हें वैभव ठाकर से मिलवाया। वैभव ने खुद को ‘वर्षा’ बंगले में अधिकारी बताकर शैलेश को मदद का आश्वासन दिया और उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।
वर्षा’ के बाहर से यू टर्न
वैभव हमेशा पीली बत्ती लगी कार में आता था और दावा करता था कि वह कभी भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करवा सकता है। एक बार वह शैलेश को पीली बत्ती कार में बैठाकर मुख्यमंत्री के सरकारी निवास ‘वर्षा’ बंगले तक ले गया। ‘वर्षा’ के बाहर पहुँचने पर, उसने कार में बैठकर किसी से फोन पर बात की और बाद में शैलेश को बताया कि मुख्यमंत्री मौजूद नहीं हैं, इसलिए आज मुलाकात नहीं हो पाएगी। इसके उपरांत वैभव ने ‘वर्षा’ के बाहर से ही कार घुमाकर वापस लौट आया। लेकिन पीली बत्ती कार में ‘वर्षा’ बंगले तक ले जाकर उसने व्यापारी का विश्वास जीत लिया। इसके बाद वह तरह-तरह के बहाने बनाकर व्यापारी से पैसे वसूलने लगा।
छूट पर गहने खरीदने के नाम पर ठगी
आरोपी ने कस्टम विभाग द्वारा जब्त किए गए सोने को 7 प्रतिशत छूट पर दिलाने का झांसा दिया। इसके अलावा, उसने यह भी बताया कि उसकी पत्नी और सास ऑनलाइन सोने, चांदी के गहनों और हीरों की बिक्री करती हैं। इस तरह से उसने व्यापारी से 1.15 करोड़ रुपए नकद लिए और ऑनलाइन बिक्री के नाम पर 1.35 करोड़ रुपए के गहने लिए। कुल मिलाकर, आरोपी ने व्यापारी से 2.5 करोड़ रुपए नकद और गहने ऐंठे। हालांकि, पैसे और गहने लेने के बाद भी वैभव ने बताए गए काम पूरे नहीं किए और जब जैन ने पैसे वापस मांगे तो वह टालमटोल करने लगा।
धमकी और झूठा केस
शिकायत में यह भी बताया गया है कि बाद में, वैभव एक राजनीतिक दल के पदाधिकारी के साथ कार्यालय आया और शिकायतकर्ता तथा उनके बेटे को धमकाया। जैन ने इस धमकी के संबंध में वैभव के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की थी।इसके बाद, वैभव ने कथित तौर पर डीआरआई (राजस्व खुफिया निदेशालय) के पास एक शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर व्यापारी जैन के खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ। इस मामले में जैन को डेढ़ महीने जेल में भी रहना पड़ा था। जमानत पर बाहर आने के बाद, शैलेश जैन ने पुलिस में धोखाधड़ी की यह नई शिकायत दर्ज कराई, जिस पर एलटी मार्ग पुलिस ने अब मामला दर्ज कर लिया है।

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