मुंबई: घाटकोपर में एक 65 वर्षीया बुजुर्ग महिला की नृशंस हत्या की गुत्थी घाटकोपर पुलिस ने 24 घंटे से भी कम समय में सुलझा ली है। वारदात के बाद पुलिस की 10 टीमों ने घटनास्थल और आसपास के करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को खंगाला और उसमें से एक संदिग्ध को चिह्नित करके गिरफ्तार किया। हैरानी की बात ये है कि आरोपी मृतका की सौतेली बहू निकली।
​मिली जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार (26/11/2025) की शाम 6:00 बजे से पहले, घाटकोपर पश्चिम, मुंबई के हिमालय सोसाइटी, एन एस एस रोड पर रहने वाली 65 वर्षीय महिला शहनाज अनीस काजी को किसी अज्ञात व्यक्ति ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसकी वजह से शहनाज की मौत हो गई थी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को ये भांपने में देर नहीं लगी कि हत्या चोरी या लूट के इरादे से की गई है। सोसाइटी में रहने वाली सायरा रईस अंसारी की शिकायत के आधार पर, घाटकोपर पुलिस स्टेशन में अपराध संख्या 932/25 के तहत भा.न्या.सं. की धारा 103(1) और 309(6) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
​त्वरित और कुशल जांच
​मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जांच के लिए कुल 10 टीमें गठित की गईं। इन टीमों में घाटकोपर पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन यूनिट, सर्विलांस टीम, आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS), मोटर वाहन चोरी निरोधक दस्ता और परिमंडल 7 के सभी पुलिस थानों के क्राइम डिटेक्शन अधिकारी शामिल थे। जांच टीमों ने अपराध स्थल और आने-जाने के रास्तों पर लगे 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों की गहन जांच की। तकनीकी और मानवीय कौशल का उपयोग करते हुए, पुलिस ने जल्द ही हिमालय सोसाइटी परिसर के मुख्य मार्ग से मुकुंद सोसाइटी में प्रवेश करती हुई एक बुरखाधारी महिला को फुटेज में देखा।
​संपत्ति विवाद में हत्या
​महिला की संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर, पुलिस ने उसके रास्ते पर लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की। स्थानीय मुखबिरों से जानकारी जुटाने और तकनीकी कौशल का उपयोग करने के बाद, पुलिस ने मुमताज को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान, 51 वर्षीया मुमताज ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर लिया। मुमताज ने बताया कि शहजाद, उसके श्वसुर अनीस की तीसरी पत्नी थी। अनीस और उसकी पहली दो पत्नियों शहनाज और आयशा का निधन हो गया है। आयशा के पहले विवाह से चार बच्चे थे और अनीस के साथ तीन बच्चे (दो बेटियाँ और एक बेटा) थे। मुमताज इन्हीं में से एक बेटे की पत्नी है। मुमताज अपने परिवार के साथ कुर्ला पश्चिम की मसराणी लेन में रहती है। जबकि शहजाद अकेले ही हिमालय सोसाइटी में रहती थी। बताया जाता है कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर शहजाद और इन सौतेले बच्चों के बीच लगातार विवाद चल रहा था।
कुरान के स्टैंड को बनाया कत्ल का समान
बुधवार को दोपहर के समय मुमताज संपत्ति में अपने हिस्से की मांग को लेकर शहजाद के घर गई थी। वहां दोनों में तीखी बहस हो गई। इसी दौरान गुस्साई मुमताज ने कुरान रखने के स्टैंड से शहजाद पर लगातार कई बार किए। नतीजतन शहजाद लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गई और मुमताज वहां फरार हो गई। ज्यादा खून बह जाने की वजह से शहजाद की मौत हो गई। लेकिन पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस मामले को सुलझा लिया।
​सफल ऑपरेशन में शामिल अधिकारी
​यह सफल कार्रवाई माननीय पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी, अपर पुलिस आयुक्त, पूर्वी क्षेत्रीय विभाग महेश पाटील के आदेशों और पुलिस उपायुक्त, परिमंडल-7, मुंबई राकेश ओला के मार्गदर्शन में पूरी की गई। इस ऑपरेशन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त, घाटकोपर विभाग, मुंबई शैलेश पासलवार ने की, जबकि इसे वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश जाधव, पुलिस निरीक्षक रेवणसिध्द ठेंगले (अपराध), पो. नि. अशरूद्दीन शेख, स.पो.नि. तिरमारे व पथक, स.पो.नि. खरमाटे व पथक, निगराणी पथकाचे पो.उ.नि. पलसे व पथक, तथा मो/वाहन चोरी प्रतिबंधक पथकाचे अधिकारी पो.उप.नि. पांडुरंग सालुंखे व पथक ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

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