मुंबई : देश में अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसंख्या बदलाव के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों का अध्ययन करने के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि यह केवल जनसंख्या का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
बंगाल और असम चुनावों के बाद बढ़ी सक्रियता
पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी ने विपक्ष पर इस मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला था। इसके बाद बंगाल में सत्ता में आने पर सरकार ने कथित घुसपैठियों को वापस भेजने की प्रक्रिया तेज करने के संकेत दिए थे। अब केंद्र सरकार ने इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की है।
जनसंख्या बदलाव का होगा व्यापक अध्ययन
अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि “हाई-लेवल कमिटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज” देशभर में अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे जनसंख्या बदलावों का विस्तृत अध्ययन करेगी। समिति धार्मिक और सामाजिक स्तर पर हो रहे जनसंख्या परिवर्तन के पैटर्न का भी विश्लेषण करेगी। उन्होंने कहा कि जनसंख्या संरचना में बदलाव किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। इसी चुनौती का सामना करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 को इस समिति की घोषणा की थी।
पूर्व न्यायमूर्ति प्रकाश नवलेकर होंगे समिति प्रमुख
सरकार द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश नवलेकर करेंगे। समिति में जनगणना आयुक्त के अलावा पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और डॉ. शामिका रवि को सदस्य बनाया गया है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (Foreigners-I) समिति के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक संरचना पर फोकस
अमित शाह ने कहा कि जनसंख्या संरचना में बदलाव केवल संप्रभुता का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक ढांचे और आदिवासी समाज की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि समिति अपनी रिपोर्ट के आधार पर समयबद्ध और योजनाबद्ध उपाय सुझाएगी, ताकि भविष्य में इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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