समय पर भुगतान और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार ने मुंबई (Mumbai) के सभी सरकारी कार्यालयों में बिजली बिल भुगतान को अधिक आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए बेस्ट (BEST – Brihanmumbai Electric Supply and Transport) की संयुक्त बिजली बिलिंग (कंपोजिट बिलिंग) प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। इसी के साथ 1 अप्रैल 2026 से सभी सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड प्रणाली में बदलने का भी निर्णय लिया गया है। इससे बिजली बिलों के भुगतान में देरी, ब्याज और जुर्माने से राहत मिलेगी।
30 दिन में पूरा होगा पंजीकरण
मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार सभी सरकारी विभागों को 30 दिनों के भीतर संयुक्त बिलिंग पोर्टल पर पंजीकरण कर बिजली कनेक्शनों का सत्यापन पूरा करना होगा। वित्त विभाग (Finance Department) अग्रिम निधि वितरण की व्यवस्था तय करेगा, जबकि ऊर्जा विभाग (Energy Department) तिमाही मिलान की प्रक्रिया संचालित करेगा।
एक मंच पर मिलेगी पूरी जानकारी
नई प्रणाली के तहत सभी बिजली बिलों का भुगतान एक ही पोर्टल से किया जा सकेगा। ऑटो-डेबिट सुविधा से भुगतान में देरी नहीं होगी। बिल, बिजली खपत, बकाया, लेनदेन और प्रबंधन संबंधी जानकारी एक ही डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगी। गो ग्रीन (Go Green) और प्रीपेड कनेक्शन पर मिलने वाली छूट का लाभ भी मिलेगा।
प्रशासन होगा अधिक प्रभावी
वर्तमान में बेस्ट (BEST – Brihanmumbai Electric Supply and Transport) की अधिकृत कोड प्रणाली के तहत 322 समूहों के 10,017 और राज्य सरकार (State Government) के 104 समूहों के 869 उपभोक्ता इस सुविधा से जुड़ेंगे। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से विलंब शुल्क और 12 से 15 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का बोझ बचेगा। साथ ही बिल जांच, भुगतान प्रक्रिया और समन्वय में लगने वाला समय तथा मानव संसाधन की बचत होगी। इससे सरकारी कामकाज अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगा।

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