मुंबई. पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी मुंबई में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऑनलाइन ठगी की घटनाएं रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। ताजा मामला महानगर के पूर्वी उपनगर से सामने आया है। घटना में खुद को खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताने वाले
ठगों ने 82 वर्षीया बुजुर्ग महिला को ऑनलाइन (डिजिटल) अरेस्ट का झांसा देकर 5 लाख रुपए लूट लिए।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला एक निजी कंपनी से असिस्टेंट मैनेजर के पद से रिटायर हो चुकी हैं। पीड़िता घर में अकेली रहती हैं। सोमवार को उनके पास एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ‘ईडी’ का अधिकारी बताया और डराते हुए कहा कि उनके बैंक खाते से 2 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है और उपरोक्त पैसे ‘टेरर फंडिंग’ आतंकी गतिविधियों में मदद के लिए भेजे गए हैं।
महिला को डराने के लिए अपनाए निम्न हथकंडे
ठगों की ओर से पहले पीड़िता को ‘ईडी’ के फर्जी लेटरहेड पर एक नोटिस भेजा गया। बाद में वास्तविक रूप में अरेस्ट करने के नाम पर धमकाया गया और असली गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर ऑनलाइन अरेस्ट का झांसा दिया गया। डिजिटल अरेस्ट के दौरान फोन न काटने की धमकी दी गई। दावा किया गया कि एनआईए ने इस केस में 247 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं, जिनमें महिला का नाम शामिल है।
बेटे की सतर्कता से खुला राज
घबराहट में महिला ने बुधवार को अपनी सारी जमा पूंजी (करीब 5 लाख रुपए) ठगों द्वारा बताए गए खाते में RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दी। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब दुबई में रहने वाले उनके बेटे को बैंक से फंड ट्रांसफर का नोटिफिकेशन मिला। बेटे ने तुरंत अपनी मां से संपर्क किया और सच्चाई जानने के बाद पुलिस को सूचित किया।
पुलिस कार्रवाई
नवघर पुलिस स्टेशन में गुरुवार को अज्ञात जालसाजों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए ठगों का पता लगाने की कोशिश में जुटी है।

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