मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस (Driving licence) और ऐप आधारित बाइक टैक्सी (Aip based Bike Taxis) सेवाओं के लिए नए नियम लागू करने की घोषणा की है. 1 अगस्त 2026 से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए महाराष्ट्र का डोमिसाइल (अधिवास) प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा. वहीं बाइक टैक्सी चलाने के लिए भी डोमिसाइल (Domicile) मराठी (Marathi)भाषा का ज्ञान और अन्य निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी होगा. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (Pratap Sarnaik) ने विधानसभा में कहा कि इन बदलावों का उद्देश्य अवैध सेवाओं पर रोक, यात्री सुरक्षा बढ़ाना और परिवहन व्यवस्था को नियमित करना है. (Domicile must for driving licence: New rule for bike taxis)
सुरक्षा और रोजगार पर जोर
दिलीप लांडे ने सदन में कहा कि बिना परमिट और पुलिस सत्यापन वाले बाइक टैक्सी चालकों से खासकर महिलाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है. विधायक सुनील प्रभु ने भी नशे में वाहन चलाने की घटनाओं पर चिंता जताई. मंत्री सरनाईक ने कहा कि नियमों के पालन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि नई नीति से अवैध परिवहन पर रोक लगेगी, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी.
1 अगस्त से नए परमिट और सख्त नियम
विधानसभा में शिवसेना विधायक दिलीप लांडे के प्रश्न के उत्तर में मंत्री सरनाईक ने बताया कि नई नियमावली का प्रस्ताव विधि एवं न्याय विभाग के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही 1 अगस्त से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए डोमिसाइल अनिवार्य होगा और ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए नए परमिट जारी किए जाएंगे. उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में करीब 4.5 लाख अवैध बाइक टैक्सी संचालित हो रही हैं, जिन्हें शुल्क और डोमिसाइल की शर्त के साथ नियमित किया जाएगा.
मराठी और शुल्क भी होगा जरूरी
सरकार के अनुसार बाइक टैक्सी चालक महाराष्ट्र का निवासी होना चाहिए तथा उसे मराठी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य रहेगा. चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, सार्वजनिक सेवा वाहन बैज और पुलिस सत्यापन भी जरूरी होगा. बाइक टैक्सी ऑपरेटरों को प्रतिदिन 5 रुपये का शुल्क सरकार को देना होगा. इसके अलावा प्रत्येक राइड से कल्याण निधि के लिए राशि जमा करने का भी प्रावधान किया गया है.
सुरक्षा और कड़े दिशा-निर्देश
महिला, छात्र और नाबालिग यात्रियों की सुरक्षा के लिए बाइक टैक्सी नियमों में विशेष प्रावधान किए गए हैं. चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ-साथ सार्वजनिक सेवा वाहन चलाने का अधिकार पत्र (बैज) होना अनिवार्य होगा. यह बैज देने से पहले पुलिस द्वारा चालक का चरित्र सत्यापन (कैरेक्टर वेरिफिकेशन) भी किया जाएगा. निजी दुपहिया वाहनों से यात्री परिवहन करने पर पूरी तरह रोक रहेगी.
अवैध सेवाओं पर सख्त कार्रवाई
परिवहन विभाग बिना लाइसेंस चल रही बाइक टैक्सियों पर लगातार दंडात्मक कार्रवाई कर रहा है. अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 814 दोषी वाहन पकड़े गए, जिनमें से 151 को जप्त किया गया और 16.25 लाख रुपये का दंड वसूला गया. वहीं अप्रैल और मई 2026 में भी 211 वाहनों पर कार्रवाई कर 2.31 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार यात्री सुरक्षा और नियमन के लिए एक व्यापक नीति पर काम कर रही है.

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