पाकिस्तानी हैंडलर्स का कनेक्शन उजागर
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को निशाना बनाने के मकसद से रची गई दो बड़ी आतंकी साजिशों का पर्दाफाश हुआ है। एक ओर यूपी एटीएस को 25 सेकंड का ऐसा वीडियो मिला है, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर भारतीय नेटवर्क को हमले के निर्देश देता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र और दिल्ली एटीएस ने खुफिया इनपुट के आधार पर मुंबई के कुर्ला में संयुक्त ऑपरेशन चलाया और जैश-ए-मोहम्मद था आइसिस (ISIS) से जुड़े दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोनों मामलों में आगजनी, विस्फोट और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की खतरनाक योजनाएं सामने आई हैं, जिन्हें समय रहते नाकाम कर दिया गया।
मुंबई में बड़े आतंकी हमले की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है। उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच में एक 25 सेकंड का वीडियो सामने आया है, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर हथियार लहराते हुए भारत में बैठे नेटवर्क को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश देता दिख रहा है। इस वीडियो ने सीधे तौर पर सीमा पार कनेक्शन की पुष्टि कर दी है।
मुंबई था मुख्य निशाना
जांच में सामने आया है कि आतंकी मॉड्यूल का मुख्य लक्ष्य मुंबई में दहशत फैलाना था। आरोपियों को शोरूम और वाहनों में आगजनी करने के निर्देश दिए गए थे। खास बात यह है कि साजिश के पीछे सांप्रदायिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से हिंदू समुदाय को निशाना बनाने की योजना थी।
पैसों का लालच और हथियारों की तस्करी
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को मोटी रकम का लालच देकर इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। उन्हें पंजाब के गुरदासपुर से अवैध हथियार लाने और देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। साथ ही रेलवे सिग्नल जलाकर परिवहन व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की योजना भी थी।
ट्रेनिंग के बाद दिए जाते थे टास्क
हैंडलर पहले युवाओं का ब्रेनवॉश करता था, फिर उन्हें ट्रेनिंग देकर छोटे-छोटे काम सौंपता था। विश्वास बनने के बाद ही बड़े आतंकी कार्यों की जिम्मेदारी दी जाती थी। लोकेश उर्फ पपला पंडित और उसका साथी विकास भी इसी प्रक्रिया से गुजरे थे।
खुफिया तंत्र पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने स्थानीय खुफिया इकाइयों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतना बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने के बावजूद इसकी भनक स्थानीय एजेंसियों को नहीं लग सकी। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने में जुटी हैं।
सुदामा’ से आतंकी बनने तक का सफर
ग्रेटर नोएडा के छपरौला गांव में आरोपी लोकेश उर्फ पपला पंडित को लेकर लोग हैरान हैं। पड़ोसियों के मुताबिक, वह जन्माष्टमी में ‘सुदामा’ बनकर नाचता था, लेकिन आर्थिक तंगी और गलत संगत ने उसे इस रास्ते पर धकेल दिया।
टॉय कार बम से धमाके की साजिश
एक अन्य मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और महाराष्ट्र एटीएस ने संयुक्त ऑपरेशन में मुंबई के कुर्ला और खडावली इलाके से जैश-ए-मोहम्मद और ISIS से जुड़े दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
बड़ी साजिश का इनपुट
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी दिल्ली और मुंबई में ‘टॉय कार बम’ के जरिए बड़े धमाके की योजना बना रहे थे। फिलहाल उन्हें दिल्ली ले जाकर गहन पूछताछ की जा रही है और कुछ अन्य संदिग्ध भी एजेंसियों के रडार पर हैं।
एजेंसियों की सतर्कता से टली बड़ी वारदात
समय पर की गई कार्रवाई ने एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया। जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।

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