मुंबई : साइबर ठगी का शिकार होने पर अब पीड़ितों के लिए अपनी रकम वापस पाना पहले की तुलना में आसान हो जाएगा। इसी उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने दो नए डिजिटल पोर्टल शुरू किए हैं। मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी साइबर या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में बिना देर किए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, ताकि ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ सके।
दो नए डिजिटल पोर्टल से मिलेगी त्वरित राहत
बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए I4C ने ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म (GRM) और मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) शुरू किए हैं। इन पोर्टलों के संचालन के लिए मुंबई क्षेत्र के सभी साइबर पुलिस थानों और स्थानीय पुलिस थानों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब पुलिस, बैंक और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल के बीच सीधा समन्वय स्थापित होगा, जिससे मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सकेगा।
गलत तरीके से फ्रीज खाते होंगे अनफ्रीज
साइबर अपराध की जांच के दौरान संदेह या तकनीकी कारणों से कई बार निर्दोष लोगों के बैंक खाते फ्रीज या होल्ड कर दिए जाते हैं। ऐसे मामलों के समाधान के लिए GRM पोर्टल तैयार किया गया है। इस प्रणाली के तहत खाताधारक, बैंक और पुलिस के बीच समयबद्ध समन्वय होगा तथा आवश्यक होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जांच कर पात्र खातों को जल्द अनफ्रीज किया जाएगा।
ठगी की रकम सीधे खाते में लौटाने की सुविधा
मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ितों की राशि कानूनी और स्वचालित प्रक्रिया के तहत वापस उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। पहले जब्त रकम लंबे समय तक बैंक या न्यायिक प्रक्रिया में अटकी रहती थी, लेकिन अब डिजिटल व्यवस्था से यह प्रक्रिया तेज होगी। यदि एक ही खाते से कई शिकायतें जुड़ी हों तो कानूनी प्रावधानों के अनुसार सभी पीड़ितों में राशि का उचित वितरण किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे नागरिक
साइबर ठगी के पीड़ित स्वयं या पुलिस की सहायता से MRM पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं जिन लोगों के बैंक खाते फ्रीज या लियन मार्क किए गए हैं, वे अपनी बैंक शाखा में जाकर बैंक अधिकारियों के माध्यम से GRM पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर खाते को अनफ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
‘गोल्डन ऑवर’ में शिकायत करना सबसे महत्वपूर्ण
मुंबई पुलिस के अनुसार साइबर ठगी के बाद शुरुआती कुछ घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने या www.cybercrime.gov.in⁠� पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को समय रहते ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे उसे वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
मुंबई पुलिस की नागरिकों से अपील
पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में मुंबई पुलिस के साइबर अपराध विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करें। साथ ही, जरूरत पड़ने पर GRM और MRM पोर्टलों का लाभ उठाकर अपनी शिकायत दर्ज करें, ताकि फंसी हुई रकम वापस मिल सके और गलत तरीके से फ्रीज हुए बैंक खातों का शीघ्र समाधान हो सके।

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