मुंबई : सोशल मीडिया के जरिए व्यापारियों को बदनाम करने और उनका कारोबार बंद कराने की धमकी देकर वसूली करने वाले एक सिंडीकेट का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने मुलुंड क्षेत्र से एक आरोपी को हफ्ते (जबरन वसूली) की रकम लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
फर्जी वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी
मिली जानकारी के अनुसार, मुलुंड के एक व्यवसायी ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों ने खुद को एक सोशल मीडिया पर सक्रिय न्यूज चैनल से जुड़ा हुआ बताते हुए आपराधिक साजिश रची। आरोपियों ने खुद को सरकारी तंत्र से जुड़ा होने का झूठा दावा किया और व्यवसायी की दुकान में बिकने वाले दुग्ध उत्पाद खराब होने का फर्जी वीडियो तैयार किया। आरोपियों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दुकान की प्रतिष्ठा खराब करने, बदनामी करने और कारोबार बंद करवाने की धमकी दी। इसके बदले उन्होंने व्यवसायी से वसूली की मांग की। आरोपियों ने वसूली की कुछ राशि ऑनलाइन प्राप्त कर ली थी, जबकि बाकी रकम नकद देने के लिए कहा था।
जाल बिछाकर आरोपी को किया गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मुंबई क्राइम ब्रांच के अपराध गुप्तवार्ता प्रकोष्ठ और कक्ष-5 की संयुक्त टीम ने मुलुंड स्थित सोनापुर सिग्नल इलाके में जाल बिछाया। 14 जून 2026 को एक आरोपी को वसूली की नकद रकम स्वीकार करते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
इस संबंध में मुलुंड पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 778/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं 308(2), 351(1), 204, 61(1) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच के लिए यह मामला मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है और कक्ष-5 इसकी जांच कर रहा है। गिरफ्तार आरोपी की उम्र करीब 40 वर्ष है और वह रियल एस्टेट के व्यवसाय से जुड़ा बताया गया है। वह मुलुंड स्थित निर्मल लाइफस्टाइल, एलबीएस रोड इलाके का निवासी है।
18 जून तक पुलिस हिरासत
गिरफ्तार आरोपी को 15 जून 2026 को मुंबई के किला कोर्ट स्थित 37वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 18 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रोशन के नेतृत्व में अपराध गुप्तवार्ता प्रकोष्ठ और क्राइम ब्रांच कक्ष-5 की टीम ने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

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