मुंबई: राज्य सरकार ने मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 50 एकड़ या उससे बड़ी निजी, सरकारी या अर्ध-सरकारी भूमि पर ‘क्लस्टर रीडेवलपमेंट’ करने का फैसला किया है। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान नागपुर में कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं. उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विधान परिषद में कहा कि मुंबई को झुग्गीमुक्त बनाने की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने झुग्गी पुनर्विकास और आवास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं का ऐलान किया है।
17 साइटें चुनी गईं
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि 50 एकड़ या उससे बड़े निजी, सरकारी या अर्धसरकारी भूखंडों पर अब संयुक्त रूप से झुग्गी पुनर्विकास योजना लागू की जाएगी। इन परियोजनाओं को MMRDA, CIDCO और म्हाडा जैसी संस्थाओं के माध्यम से ‘जॉइंट वेंचर’ के आधार पर पूरा किया जाएगा ताकि काम तेजी से हो सके। इसके लिए पहले चरण में योजना के लिए शहर के 17 प्रमुख स्थानों को चुना गया है। इनमें मुंबई के अंटॉप हिल, कृष्ण नगर, केतकीपाडा (बोरीवली), गोपीकृष्ण नगर (दहिसर), ओशिवरा, गोवंडी, चिट्टा कैंप (ट्रॉम्बे), चेंबूर, टैगोर नगर (विक्रोली), विक्रोली पार्कसाइट और भांडुप सहित 17 प्रमुख स्थानों का चयन किया गया है। इससे मुंबई के लाखों झुग्गीवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार के इस निर्णय से शहर के लाखों झुग्गीवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अन्य प्रमुख घोषणाएं:
अभय योजना का विस्तार: झुग्गी खरीद-बिक्री में फंसे नागरिकों के लिए ‘एसआरए अभय योजना’ की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। म्हाड की ओसी (विद्यमान झुग्गियों) के लिए अभय योजना को भी एक साल की मोहलत दी गई है।
शिकायत निवारण समितियों की संख्या बढ़ेगी: एसआरए परियोजनाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए ‘एपेक्स ग्रीवेंस रिड्रेसल कमेटी’ (एजीआरसी) की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में 2103 मामले लंबित हैं।
फनेल ज़ोन में अटके पुनर्विकास को मिली हरी झंडी: मुंबई एयरपोर्ट के फनेल ज़ोन और अन्य तकनीकी अड़चनों के कारण अटकी हजारों इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ हुआ है। हवाई अड्डों के पास ऊंचाई की पाबंदियों (Funnel Zone) के कारण रुके हुए पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स के लिए नई नीति की घोषणा की गई है। अब इन क्षेत्रों में इस्तेमाल न हो पाने वाले एफएसआई को टीडीआर के रूप में दिया जाएगा, जिससे प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से व्यवहार्य हो सकेंगे। पागड़ी और सेस इमारतों के पुनर्विकास के लिए भी स्वतंत्र नियमावली बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। नई योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 300 वर्ग फुट तक और कम आय वर्ग (एलआईजी) को 600 वर्ग फुट तक का क्षेत्रफल मुफ्त दिया जाएगा।
हाउसिंग स्टॉक का एकीकृत वितरण: राज्य में विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध हाउसिंग स्टॉक को एकत्रित करके उसका गरीब, जरूरतमंद और विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर सुनियोजित वितरण किया जाएगा।
सिडको घरों की कीमतों में 10% की कटौती: नवी मुंबई में सिडको द्वारा बनाए गए ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के लगभग 17,000 घरों की कीमतों में 10% की कमी की गई है। खारघर, तलोजा, द्रोणागिरी और पनवेल जैसे क्षेत्रों में बने 17 हजार घरों की लॉटरी अगले दो महीनों में निकाली जाएगी। यह छूट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और अल्प आय वर्ग (LIG) के घरों पर लागू होगी।
‘हाउसिंग मैन ऑफ महाराष्ट्र’
शिवसेना विधायक मनीषा कायंदे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ‘हाउसिंग मैन ऑफ महाराष्ट्र’ करार देते हुए कहा कि फनेल ज़ोन का समाधान, क्लस्टर विकास को बढ़ावा और घरों की कीमत कम करके उन्होंने लाखों आम लोगों के घर के सपने को साकार किया है। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक ऐतिहासिक निर्णयों से राज्य में सर्वसमावेशी आवास नीति लागू होगी।

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