राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा बोले- ‘क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड’ से मजबूत होगी भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था
मुंबई, 21 जून 2026। 19वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF 2026) का रविवार को भव्य समापन हुआ। डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्म और एनीमेशन फिल्मों को समर्पित इस प्रतिष्ठित महोत्सव में देश-विदेश के फिल्मकारों, कलाकारों और फिल्म प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं।
‘सिल्वर’ को मिला गोल्डन कॉन्च
महोत्सव में छह श्रेणियों के तहत कुल 17 पुरस्कार प्रदान किए गए। सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री का प्रतिष्ठित गोल्डन कॉन्च पुरस्कार और 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि पोलैंड की फिल्म ‘सिल्वर’ को दी गई। वहीं, ईरान की ‘अंडर द स्नो’ को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म और जर्मनी की ‘मायाज साँग’ को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय एनीमेशन फिल्म का पुरस्कार मिला।
भारतीय फिल्मों का शानदार प्रदर्शन
भारतीय श्रेणी में ‘वाई’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री, ‘स्मॉल क्लाउड्स’ को सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म और ‘आर्मस्ट्रॉन्ग फ्रॉम अंगलम्मन टेम्पल स्ट्रीट’ को सर्वश्रेष्ठ एनीमेशन फिल्म का पुरस्कार मिला। इसके अलावा छायांकन, संपादन और ध्वनि संयोजन जैसी तकनीकी श्रेणियों में भी कई कलाकारों को सम्मानित किया गया।
रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि MIFF ने तीन दशकों में खुद को दुनिया के प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सवों में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड’ विजन के अनुरूप यह महोत्सव भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहा है। उन्होंने फिल्म उद्योग को रोजगार, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदार उपयोग और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा पर भी जोर दिया।
रिकॉर्ड भागीदारी और नई उपलब्धियां
एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदूम ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव के लिए 1,459 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। प्रतियोगिता खंड में 144 फिल्मों को शामिल किया गया, जबकि 83 घंटे से अधिक समय तक फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। 24 विशेष खंडों में 202 फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई। महोत्सव के सफल समापन के साथ अब फिल्म प्रेमियों की नजरें अगले भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) और वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले MIFF के अगले संस्करण पर टिक गई हैं।
भारतीय फिल्मों ने भी बटोरीं उपलब्धियां
सर्वश्रेष्ठ भारतीय डॉक्यूमेंट्री का सिल्वर कॉन्च पुरस्कार ‘वाई’ को मिला, जबकि ‘स्मॉल क्लाउड्स’ को सर्वश्रेष्ठ भारतीय लघु फिल्म चुना गया. ‘आर्मस्ट्रॉन्ग फ्रॉम अंगलम्मन टेम्पल स्ट्रीट’ को सर्वश्रेष्ठ भारतीय एनीमेशन फिल्म का सम्मान मिला.
वैश्विक मंच बन बना MIFF
समापन समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि MIFF अब केवल एक फिल्म महोत्सव नहीं, बल्कि रचनात्मक उत्कृष्टता का वैश्विक आंदोलन बन चुका है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड” विजन के अनुरूप यह मंच भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक शक्ति को विश्व स्तर पर मजबूत कर रहा है.

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