मुंबई : कुर्ला स्थित स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर क्रीड़ांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कोंकण प्रांत के 15 दिवसीय ‘संघ शिक्षा वर्ग’ का समापन समारोह उत्साह और अनुशासन के वातावरण में संपन्न हुआ। संघ द्वारा संगठन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न जिलों और गोवा से आए शिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। समारोह में स्वयंसेवकों ने अपने प्रशिक्षण का प्रभावशाली प्रात्यक्षिक भी प्रस्तुत किया।

15 दिनों तक चला व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण
8 मई से शुरू हुए इस प्रशिक्षण वर्ग में कोंकण प्रांत के अंतर्गत आने वाले मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, रायगढ़, पालघर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और गोवा से 15 से 40 वर्ष आयु वर्ग के 136 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। वर्ग की दिनचर्या सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित की गई थी, जिसमें शारीरिक और बौद्धिक विकास पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान दंड संचालन, नियुद्ध, योगासन, व्यायाम और मैदानी खेलों के माध्यम से शारीरिक क्षमता विकसित की गई, जबकि विभिन्न विषयों पर चर्चा, संवाद और बौद्धिक सत्रों के जरिए वैचारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही सेवा, संपर्क और प्रचार जैसे सामाजिक कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
जिमी मिस्त्री ने संघ के कार्यों के व्यापक प्रचार पर दिया जोर
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डेला टाउनशिप के संस्थापक जिमी मिस्त्री ने संघ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज के नकारात्मक नैरेटिव के दौर में संघ का सकारात्मक कार्य समाज और दुनिया के सामने आना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि संघ तेजी से विस्तार कर रहा है और उसके सेवा तथा त्याग के कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संघ का कार्य केवल देश तक सीमित न रहकर विश्व स्तर तक पहुंचना चाहिए।
संघ व्यक्ति निर्माण करने वाली संस्था’
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने कहा कि संघ त्याग, एकता और समर्पण की भावना सिखाता है। उन्होंने कहा कि संघ मूल रूप से व्यक्ति निर्माण का कार्य करता है और स्वयंसेवकों ने अपने आचरण से संघ की विचारधारा को समाज के सामने प्रमाणित किया है।
रामलाल ने स्पष्ट किया कि संघ किसी के विरोध में कार्य नहीं करता, लेकिन मानवता विरोधी शक्तियों के खिलाफ हमेशा मजबूती से खड़ा रहता है। उन्होंने आधुनिकता के नाम पर बढ़ते पश्चिमीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भारतीय संस्कृति और समाज को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्यों और कुटुंब प्रबोधन को वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बताया।
गणमान्य व्यक्तियों की रही विशेष उपस्थिति
समारोह में मुंबई महानगर के संघचालक सुरेश भगेरिया, महानगर कार्यवाह संजय नगरकर और वर्ग के सर्वाधिकारी गुरुदास चोपडेकर मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति देखने को मिली। कार्यक्रम की प्रस्तावना और आभार प्रदर्शन संजय नगरकर द्वारा किया गया। लगभग दो घंटे तक चले इस समारोह ने उपस्थित लोगों को संघ की कार्यपद्धति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का विशेष अनुभव कराया।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version