नई दिल्ली: मुंबई समेत देशभर में जहां रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ की धूम मची है। इसी बीच पाकिस्तान में भी कुछ वैसा ही एक वास्तविक घटनाक्रम सामने आया है। पंजाब प्रांत के मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय मरकज-ए-तैयबा में कुख्यात आतंकी कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे पाकिस्तान में सनसनी फैला दी है।
नमाज के बाद बरसी गोलियां, फिर चाकू से वार
ईद-उल-फित्र के मौके पर नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे, तभी भीड़ में छिपे हमलावरों ने बिलाल सलाफी को निशाना बनाया। पहले उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं, और जब वह जमीन पर गिर पड़ा, तब भी हमलावर नहीं रुके। उन्होंने चाकू से कई वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस क्रूर तरीके से साफ है कि हमला सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि एक कड़ा संदेश देने के लिए किया गया था।
कौन था बिलाल आरिफ सलाफी?
बिलाल सलाफी लश्कर-ए-तैयबा का अहम चेहरा था।
संगठन में भर्ती (Recruitment) और प्रशिक्षण (Training) का जिम्मा संभालता था। युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ने में वह सक्रिय भूमिका निभाता था। वह कई आतंकी साजिशों की योजना में शामिल था। इसलिए सलाफी की हत्या को लश्कर के लिए बड़ा रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक झटका माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मरकज-ए-तैयबा पाकिस्तान के सबसे सुरक्षित ठिकानों में गिना जाता है, जहां लश्कर के अपने गार्ड्स और ISI की कड़ी निगरानी रहती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि हमलावर हथियार लेकर अंदर कैसे पहुंचे? हत्या के बाद आसानी से फरार कैसे हो गए? इस घटना ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
‘अननोन गनमैन’ की फिर चर्चा
पिछले एक साल में पाकिस्तान में कई भारत-विरोधी आतंकियों की इसी तरह रहस्यमय हत्या हो चुकी है। बिलाल सलाफी की हत्या भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि यह आंतरिक रंजिश है या किसी प्रोफेशनल एजेंसी का ऑपरेशन, इसकी जांच जारी है।
पाकिस्तान में हाई अलर्ट
घटना के बाद पाकिस्तान में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। लश्कर-ए-तैयबा बदले की बात कर रहा है, लेकिन इस घटना के बाद आतंकी संगठनों में डर का माहौल है। अब हालात ऐसे हैं कि आतंकियों को अपने ही गढ़ में असुरक्षा महसूस होने लगी है।
दुनिया के सामने फिर उजागर हुआ सच
इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा कर दिया है। दुनिया के सामने यह साफ हो गया है कि वहां आज भी आतंकवादी संगठन खुलेआम अपने ठिकाने चला रहे हैं।

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