मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मालवणी क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ियों का पुनर्विकास करते समय ‘क्लस्टर मॉडल’ विकसित करने के निर्देश देते हुए इस क्षेत्र के अंबुजवाडी, दादासाहेब गायकवाड़ नगर और राजीव गांधी नगर में स्थित झुग्गियों का सर्वेक्षण पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में गृहनिर्माण राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर और विधायक असलम शेख उपस्थित थे।
नागपुर में शीत कालीन सत्र के दौरान आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मालवणी क्षेत्र में झुग्गियों का शेष सर्वेक्षण पूरा किया जाए। म्हाडा और झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास प्राधिकरण अपने-अपने क्षेत्र के अनुसार सर्वेक्षण करें। मालवणी क्षेत्र में सभी झुग्गियों का सर्वेक्षण पूर्ण होने के बाद संस्थाएं संयुक्त रूप से रिपोर्ट दें। कानूनी अड़चनों वाले क्षेत्रों के बारे में अलग से कार्रवाई की जाए। जहां विकास कार्य हों, उन क्षेत्रों को पुनर्विकास के लिए प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘क्लस्टर मॉडल’ से विकास करने पर संपूर्ण मालवणी क्षेत्र का कम समय में पुनर्विकास हो सकेगा। यह झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास का बड़ा प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूर्ण किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव (गृहनिर्माण) असीम कुमार गुप्ता, गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरीकर, झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी भी शामिल हुए। बैठक में प्रस्तुतिकरण म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल ने किया।
मालवणी पुनर्विकास योजना संक्षेप में
मालवणी क्षेत्र की भूमि का क्षेत्रफल 641 एकड़ है। इसमें राज्य सरकार, म्हाडा, महानगरपालिका और निजी भूमि शामिल है। इसमें से 565.98 एकड़ क्षेत्र पर झुग्गी-झोपड़ियां हैं और 75.02 एकड़ क्षेत्र खुला है। इस क्षेत्र में अनुमानित झुग्गियों की संख्या लगभग 14 हजार है। क्षेत्र के पुनर्विकास के बाद यह क्षेत्र झुग्गी-झोपड़ी मुक्त हो जाएगा।
Related Posts
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2024 Tah Ki Baat. All Rights Reserved. Created and Maintained by Creative web Solution
