मुंबई: एक 12 साल पुराने मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। 23 वर्षीय जूनियर कलाकार की मौत के मामले में पुलिस ने कई डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। इस केस में मेडिकल लापरवाही, इलाज में देरी और अहम दस्तावेजों को नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने मिलेनियम हॉस्पिटल (शिवाजीनगर) के डॉ. नियाज़ अहमद खान, डॉ. इम्तियाज अहमद खान, डॉ. उमेश पिंपले और साई ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल (चेंबूर) के डॉ. खालिद, डॉ. अमित शोभवट
के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ इलाज
शिकायत के अनुसार, 8 अप्रैल 2014 को सलमान बाबर शाह (23), जो फिल्म-टीवी इंडस्ट्री में जूनियर आर्टिस्ट थे, शूटिंग से लौटते वक्त वसई के पास अहमदाबाद हाईवे पर हादसे का शिकार हो गए। उनकी बाइक को एक पिकअप वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी जांघ में गंभीर फ्रैक्चर हुआ।
ऑपरेशन से पहले मांगे गए पैसे
परिवार का आरोप है कि मिलेनियम हॉस्पिटल में ऑपरेशन से पहले 25 हजार रुपए जमा कराने की मांग की गई।
सर्जरी के दौरान अत्यधिक खून बहने और ऑपरेशन के बाद पर्याप्त देखभाल नहीं मिलने के आरोप भी लगाए गए हैं।
इलाज के दौरान हालत बिगड़ती गई
परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद सलमान की हालत सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती गई। कुछ दिनों बाद अस्पताल ने ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा नहीं होने की बात कहकर मरीज को चेंबूर के साई हॉस्पिटल रेफर कर दिया।
दूसरे अस्पताल में भी नहीं बची जान
साई हॉस्पिटल में इलाज के दौरान सलमान की हालत और गंभीर हो गई। उन्हें छाती में पानी भरने और किडनी फेल होने जैसी समस्याएं हुईं। वेंटिलेटर पर रखने के बावजूद 17 मई 2014 को उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने मौत का कारण सेप्टीसीमिया और ARDS बताया।
पोस्टमार्टम नहीं होने से बढ़ा शक
उस समय परिवार ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में उन्हें इलाज पर संदेह होने लगा। मामले में कई महत्वपूर्ण मेडिकल दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे रिकॉर्ड नष्ट किए जाने का शक पैदा हुआ।
आरटीआई में बड़ा खुलासा
RTI से मिली जानकारी के अनुसार, मिलेनियम हॉस्पिटल कथित तौर पर बॉम्बे नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1949 के तहत पंजीकृत नहीं था। बीएमसी ने 2018 और 2024 में इस अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।
न्याय के लिए मां की लंबी लड़ाई
मृतक की मां नसीम बानो बाबर शाह ने वर्षों तक पुलिस, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल और अन्य अधिकारियों के पास शिकायत की। 2015 में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की।
अब शुरू हुई जांच
जरूरी मेडिकल राय मिलने के बाद अब पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नसीम बानो ने कहा, “मेरे पास अब कुछ नहीं बचा, मुझे सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।”

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