अर्थव्यवस्था से लेकर टीपू सुल्तान तक-हर मुद्दे पर सरकार का पक्ष
मुंबई. महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के चौथे दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में करीब दो घंटे का दमदार भाषण देते हुए विपक्ष को हर मोर्चे पर जवाब दिया। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का उत्तर देते हुए उन्होंने महाराष्ट्र की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया और साफ कहा, ‘महाराष्ट्र सिर्फ देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि यह जल्द ही ‘1 ट्रिलियन डॉलर’ का मील का पत्थर छूने वाला देश का पहला राज्य भी बनेगा।’
सीएम फडणवीस ने सदन को बताया कि वर्ष 2012-13 में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपए थी, जो महज 11 वर्षों में तीन गुना बढ़कर 51 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है। उन्होंने गर्व से कहा, “दुनिया में बेल्जियम जैसे विकसित देश की अर्थव्यवस्था भी 1 ट्रिलियन डॉलर के आसपास नहीं है, और हम जल्द ही उस स्तर पर पहुंचने वाले हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए 2047 तक महाराष्ट्र को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
दावोस पर विपक्ष को करारा जवाब
दावोस दौरे पर विपक्ष के सवालों को सीएम ने पलटवार से जवाब दिया। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे पर तंज कसते हुए कहा, “अगली बार हम उन्हें भी साथ ले जाएंगे, ताकि समझ आए कि मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए यह मंच कितना जरूरी है।” उन्होंने याद दिलाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी दावोस में दो-दो दिन रुकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि दावोस में हुए करारों की अमलीजामा पहनाने की दर 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि पूरे देश में एमओयू लागू करने की औसत दर महज 32 प्रतिशत है। इस मामले में महाराष्ट्र देश में नंबर वन है।
रोजगार और निवेश का रोडमैप
रोजगार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि महायुति सरकार अब तक 1,20,449 युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुकी है और यह आंकड़ा जल्द डेढ़ लाख तक पहुंचेगा। ‘मुख्यमंत्री युवा प्रशिक्षण अभियान’ के तहत युवाओं को 11 महीने का कार्य अनुभव दिया जा रहा है। वहीं नक्सल प्रभावित गडचिरोली में 2 लाख 61 हजार करोड़ रुपए के निवेश से ‘स्टील हब’ विकसित किया जाएगा, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक रोजगार स्थानीय आदिवासी और दलित युवाओं को मिलेगा। पर्यावरण संतुलन के लिए वहां 5 करोड़ पेड़ भी लगाए जाएंगे।
टीपू सुल्तान और हिंदी विवाद पर विपक्ष को घेरा
इतिहास के मुद्दे पर सीएम फडणवीस ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से हमें मंजूर नहीं। जिसने 75 हजार हिंदुओं की हत्या की, उसकी तारीफ करना इतिहास से खिलवाड़ है।” उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने एनसीईआरटी की किताबों में शिवाजी महाराज का इतिहास 1 पैराग्राफ से बढ़ाकर 20 पेज कर दिया है। हिंदी-मराठी विवाद पर उन्होंने दस्तावेज पेश करते हुए उद्धव ठाकरे को घेरा। उन्होंने बताया कि हिंदी को अनिवार्य करने की सिफारिश उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनी समिति ने ही 2020 में की थी और 20 सितंबर 2021 को उनकी सरकार ने इसे मंजूरी भी दी थी। सीएम ने कटाक्ष किया, “वे अब उसी पर सवाल उठा रहे हैं, जो उन्होंने खुद किया था।”
शायरी से दिया विपक्ष को संदेश
विपक्ष को ‘भ्रमित’ करार देते हुए फडणवीस ने नसीहत दी कि रचनात्मक राजनीति करें। अपने भाषण के अंत में उन्होंने शायरी के जरिए सरकार का संकल्प दोहराया —
“मंज़िलें और भी हैं, रास्ते और भी हैं,
हम खड़े हैं जहां, वहां वास्ते और भी हैं।
बढ़ रहे हैं अब कदम उस मंज़िल की तलाश में,
दिल में जूनून और इरादों में ताकत और भी है।।”

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