मुंबई: महाराष्ट्र लगातार तीन वर्षों से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने में देश में अव्वल बना हुआ है। उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने यह जानकारी विधानसभा में नियम 293 के तहत पेश प्रस्ताव के जवाब में दी।
दावोस में 31 लाख करोड़ के समझौते
मंत्री डॉ. सामंत ने बताया कि दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में वर्ष 2026 के दौरान महाराष्ट्र ने 31 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौते (एमओयू) संपन्न किए हैं। इन समझौतों से राज्य में उद्योगों का विस्तार होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
किस विभाग के कितने करार?
उद्योग विभाग: 15 लाख 15 हजार करोड़ रुपए
एमएमआरडीए: 15 लाख 10 हजार करोड़ रुपए
एमएसआरडीसी: 1 लाख करोड़ रुपए
उन्होंने यह भी बताया कि जहां अन्य राज्यों में समझौतों के अमल में आने की दर केवल 35 से 40 प्रतिशत है, वहीं महाराष्ट्र में 2022 से यह दर बढ़कर 75 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
मुंबई के बुनियादी ढांचे में प्रगति
मंत्री ने बताया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की सावधि जमाएं (एफडी) पूरी तरह सुरक्षित हैं और विकास कार्यों पर धन का सदुपयोग हो रहा है। शहर में 1,048 सड़कें पूरी हो चुकी हैं, जिनकी कुल लंबाई 278.83 किलोमीटर है। पहले चरण का 54 प्रतिशत और दूसरे चरण का 56 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।
मीठी नदी परियोजना में भ्रष्टाचार उजागर
मीठी नदी परियोजना में पहले से जांच चल रही है। जांच में करीब 65 करोड़ रुपए की अनियमितता सामने आई है और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 380 करोड़ रुपए की निविदाएं रद्द कर नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
एमआईडीसी जमीन पर बसी झुग्गियों के लिए नई नीति
मंत्री डॉ. सामंत ने बताया कि एमआईडीसी क्षेत्र में वर्षों से रह रहे परिवारों के पुनर्वास के लिए अलग एसआरए नीति लाई जाएगी। औद्योगिक नीति और जेम्स एंड ज्वेलरी नीति की तर्ज पर यह नीति तैयार की जाएगी और आगामी दो महीनों में निर्णय लिया जाएगा। इससे इन परिवारों को पक्के मकान मिल सकेंगे।
संतुलित औद्योगिक विकास पर जोर
उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य में संतुलित औद्योगिक विकास के लिए नए एमआईडीसी क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं, निवेश आकर्षित किया जा रहा है और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उद्योग विभाग इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

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