मुंबई : एमएमआर (मुंबई ठाणे और पालघर) में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मेडिकल डिवाइस नियम 2017 और औषधि कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 2.17 करोड़ रुपए मूल्य के मेडिकल डिवाइस और दवाओं के भंडार पर कार्रवाई की है। जांच में गैर-स्टरल (Non-Sterile) ग्लव्स को स्टरल (Sterile) बताकर सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को आपूर्ति किए जाने की आशंका भी सामने आई है।
साकीनाका में 74.85 लाख रुपए के सर्जिकल ग्लव्स जब्त
एफडीए की जांच टीम ने मुंबई के साकीनाका स्थित साची मेडिकल नामक संस्था पर छापा मारकर 74.85 लाख रुपए मूल्य के सर्जिकल ग्लव्स का भंडार जब्त किया। जांच में पता चला कि संस्था, मलेशिया से बड़ी मात्रा में ग्लव्स आयात कर बिना आवश्यक लाइसेंस के उनका भंडारण और बिक्री कर रही है। दस्तावेजों से यह भी संकेत मिले हैं कि इन उत्पादों की आपूर्ति मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों तक की गई थी।
भिवंडी की इकाई में उत्पादन बंद करने का आदेश
कार्रवाई के अगले चरण में एफडीए ने भिवंडी स्थित एक मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (क्यूएमएस), मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और प्लांट मास्टर फाइल जैसी अनिवार्य व्यवस्थाओं का अभाव पाया गया। इसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम मानते हुए 9.88 लाख रुपए मूल्य के सर्जिकल ग्लव्स का स्टॉक प्रतिबंधित कर दिया गया तथा उत्पादन बंद करने का आदेश जारी किया गया।
पालघर में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा
पालघर जिले के वाडा स्थित मेडीअर्थ लाइफ केयर प्राइवेट लिमिटेड पर छापे के दौरान सबसे बड़ा अनियमितता का मामला उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि कंपनी द्वारा नॉन-स्टरल ग्लव्स खरीदकर बिना आवश्यक स्टरलाइजेशन प्रक्रिया के उन्हें स्टरल बताकर सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को आपूर्ति किए जाने की आशंका है। इस संबंध में कंपनी के संचालक द्वारा लिखित स्वीकारोक्ति भी दिए जाने की जानकारी एफडीए ने दी है।
1.26 करोड़ का मेडिकल सामग्री स्टॉक प्रतिबंधित
वाडा स्थित इकाई से बड़ी मात्रा में नॉन-स्टरल बैंडेज क्लॉथ, रोल्ड बैंडेज और एब्जॉर्बेंट कॉटन गॉज बरामद हुई। इन पर “Government of Maharashtra Supply – Not for Sale” अंकित था। एफडीए ने 1.26 करोड़ रुपये मूल्य के इस स्टॉक की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है।
बिना लाइसेंस रखी दवाएं भी जब्त
इसी इकाई से बिना वैध थोक औषधि लाइसेंस के रखी गई 6.17 लाख रुपए मूल्य की एलोपैथिक दवाएं भी जब्त की गईं। इन दवाओं पर भी सरकारी आपूर्ति के लिए निर्धारित सामग्री होने का उल्लेख पाया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अस्पतालों और डॉक्टरों से सतर्कता की अपील
एफडीए ने डॉक्टरों, अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी निर्माताओं तथा आपूर्तिकर्ताओं से ही दवाएं और मेडिकल उपकरण खरीदें। साथ ही उत्पादों पर लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, निर्माण एवं समाप्ति तिथि की जांच अवश्य करें और सर्जिकल ग्लव्स सहित अन्य उपकरणों की गुणवत्ता एवं पैकेजिंग की पुष्टि करने के बाद ही उनका उपयोग करें।

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