मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं, तकनीकी प्रगति और ग्रामीण सशक्तीकरण को गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में नागपुर में हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रोन परियोजना, महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति-2026, स्वचालित प्रणाली नीति-2026 और भारतनेट के लिए नई डिजिटल कंपनी की स्थापना सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
नागपुर में स्थापित होगा हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रोन प्रोजेक्ट
राज्य सरकार ने नागपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से हाई एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रोन प्रोजेक्ट (HEMCP) स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह परियोजना महाकेयर कंपनी के माध्यम से संचालित होगी और इसके प्रबंधन के लिए विशेष उद्देश्य कंपनी (SPV) बनाई जाएगी।
इस परियोजना से कैंसर सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के निदान, उपचार और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। नागपुर रेडियोफार्मास्युटिकल नवाचार केंद्र के रूप में विकसित होगा और महाराष्ट्र सहित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश के लगभग 500 किलोमीटर के क्षेत्र के मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। इससे मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों पर निर्भरता भी कम होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महाराष्ट्र पेयजल नीति-2026 को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और स्थायी पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत जल जीवन मिशन 2.0 की योजनाओं के रखरखाव, जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और डिजिटल निगरानी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नीति के अंतर्गत ग्रामीण जल योजनाओं के रखरखाव के लिए कॉर्पस फंड बनाया जाएगा। साथ ही जल आपूर्ति सेवाओं की निगरानी के लिए केंद्रीय कमांड सेंटर और शिकायत निवारण प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। घरेलू उपयोग के लिए न्यूनतम मासिक जल शुल्क 150 रुपये और अधिकतम 400 रुपये निर्धारित किया गया है।
ड्रोन और रोबोट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र अनमैन्ड सिस्टम पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से ड्रोन, रोबोट, स्वचालित वाहन और संबंधित तकनीकों के निर्माण, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार को इस क्षेत्र में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने और एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इसके तहत उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे और करीब 5 हजार रिमोट पायलट तैयार किए जाएंगे।
भारतनेट परियोजना के लिए बनेगी महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड
ग्रामीण क्षेत्रों तक तेज गति की ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MDIL) नामक विशेष उद्देश्य कंपनी बनाने को मंजूरी दी है। यह संस्था भारतनेट फेज-1 और फेज-2 के नेटवर्क का संचालन करेगी तथा ग्राम पंचायत स्तर तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार और ई-गवर्नेंस सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रोजगार गारंटी कानून में संशोधन को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महाराष्ट्र रोजगार हमी अधिनियम, 1977 में संशोधन को मंजूरी दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्थायी आजीविका को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करने की अवधि बढ़ी
स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की आरक्षित सीटों से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए छह महीने की अंतिम अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने यह फैसला जाति जांच समितियों में कर्मचारियों की कमी और जांच प्रक्रिया में हो रही देरी को देखते हुए लिया है। इसके लिए संबंधित नगर निकाय कानूनों में संशोधन कर अध्यादेश जारी किया जाएगा।

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