मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मुंबई के सर जे. जे. महानगर ब्लड सेंटर और ठाणे जिले के बदलापुर स्थित माया ब्लड सेंटर में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद दोनों संस्थानों का काम तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई रक्तदाताओं और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा रक्त की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
संयुक्त जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
22 से 24 जून 2026 के बीच महाराष्ट्र FDA और केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के अधिकारियों ने दोनों रक्त केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण किया। जांच में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा औषधि नियम, 1945 के तहत रक्त केंद्र संचालन से जुड़े अनुसूची F भाग XII-B के कई गंभीर उल्लंघन पाए गए।
जे. जे. ब्लड सेंटर में मिलीं कई कमियां
सर जे. जे. महानगर ब्लड सेंटर में रक्त और रक्त घटकों के भंडारण एवं नियंत्रण व्यवस्था में खामियां, रिएक्टिव और एक्सपायर्ड ब्लड बैग के प्रबंधन में लापरवाही, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के निपटान में कमी, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की विफलता, खराब उपकरण तथा रक्त घटक निर्माण विभाग में आवश्यक स्टरलाइजेशन नियंत्रण का अभाव पाया गया।
माया ब्लड सेंटर में भी नियमों का उल्लंघन
बदलापुर स्थित माया ब्लड सेंटर में रक्तदान शिविरों से एकत्र रक्त के परिवहन संबंधी आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा ब्लड बैग की ट्रेसबिलिटी में कमी, ब्लड ट्रांसफ्यूजन अधिकारी और आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों की अनुपस्थिति, उपकरणों का समय पर वैधीकरण न होना, गुणवत्ता नियंत्रण परीक्षण का अभाव, जैव-चिकित्सीय कचरा प्रबंधन में अनियमितता तथा रक्तदान शिविरों की स्वीकृति और अभिलेखों में भी गंभीर कमियां मिलीं।
कारण बताओ नोटिस जारी
FDA ने दोनों रक्त केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए रक्त संग्रह, परीक्षण, रक्त घटक निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और रक्तदान शिविरों सहित सभी गतिविधियां अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। दोनों संस्थानों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और नियम, 1945 के तहत आगे की नियामक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
नियमों से समझौता बर्दाश्त नहीं: तुकाराम मुंढे
महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि रक्त जीवनरक्षक संसाधन है और इसके संग्रह, प्रसंस्करण तथा वितरण में सर्वोच्च स्तर की गुणवत्ता, सुरक्षा और पारदर्शिता अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदाताओं और मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को प्रशासन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा तथा सभी रक्त केंद्रों को कानून का सख्ती से पालन करना होगा।

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