मुंबई : नासिक के एक पुराने मंदिर के पीछे खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर एक बर्तन व्यापारी से 25 लाख रुपए की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का मालाड पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में गुजरात और विरार से कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 15 लाख 45 हजार रुपए की नकदी बरामद की है।
ऐसे बुना ठगी का जाल
मालाड (पश्चिम) में बर्तन की दुकान चलाने वाले 51 वर्षीय व्यवसायी दिनेश मेहता से मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला ने ग्राहक बनकर जान-पहचान बढ़ाई। आरोपी ने खुद को राजस्थानी बताकर मेहता का भरोसा जीता और दावा किया कि उसे नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान 900 ग्राम की सोने की ‘बोरमाल’ (पारंपरिक माला) मिली है।
असली सोना दिखाकर जीता विश्वास
भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने असली सोने के 4 मोती (मनी) सैंपल के तौर पर दिए। जब मेहता ने जौहरी से इनकी जांच कराई तो वे असली निकले। इसके बाद 25 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। 4 दिसंबर को आरोपियों ने मेहता से नकदी ली और उन्हें नकली माला थमा दी। जब मेहता ने दोबारा जांच कराई, तो पता चला कि वह माला तांबे और निकल की धातु से बनी थी।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
शिकायत दर्ज होने के बाद मालाड पुलिस की अपराध जांच टीम (एपीआई दीपक रायवाडे और टीम) ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा (सीडीआर/एसडीआर) खंगाला। जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी के लिए एक राजस्थानी महिला के नाम पर नया सिम कार्ड खरीदा था। पुलिस ने डंप डेटा के जरिए संदिग्ध नंबरों का पीछा किया, जिससे उनका लोकेशन कलोल (गुजरात) मिला।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने गुजरात और विरार में जाल बिछाकर मूल रूप से राजस्थान के जालौर के रहने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 55 वर्षीय मुख्य आरोपी बाबूलाल भागलाराम वाघेला, गुजरात के कलोल में जबकि 34 वर्षीय मंगलाराम मनाराम वाघरी, 41 वर्षीय केसाराम भगताराम वाघरी और 48 वर्षीय भवरलाल बाबूलाल वाघरी पालघर जिले के विरार क्षेत्र के निवासी निकले। इस गिरोह के खिलाफ गुजरात में भी इसी तरह से ठगी के आरोप में कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस की उपलब्धि
पुलिस ने आरोपियों के पास से 15,45,000 रुपए नकद और अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी गिरोह ने अंधेरी के एक इत्र व्यापारी से भी 30 हजार रुपए की ठगी की थी। उत्तर प्रादेशिक विभाग के अपर पुलिस आयुक्त शशीकुमार मीना और डीसीपी संदीप जाधव के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के नेतृत्व में मालाड पुलिस ने इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।

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