मुंबई: हत्या के प्रयास के एक मामले में खार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वेतन के विवाद को लेकर अपने ही सहकर्मी पर जानलेवा हमला करने के बाद फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रामकिशन उर्फ कृष्णा के रूप में हुई है, जो देश छोड़कर भागने की फिराक में था।
​यह घटना 29 दिसंबर, 2025 की शाम को खार (पश्चिम) स्थित 16वें रोड पर स्थित ट्यूलिप बिल्डिंग में हुई थी। शिकायतकर्ता हरिशंकर जांगिड़ और उनका भाई मनोज वहां बढ़ई (कारपेंटर) का काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, काम के पैसों के भुगतान को लेकर आरोपी रामकिशन का मनोज जांगिड़ से विवाद हो गया। बाद में ​बहस बढ़ गई और इसी बीच गुस्साए रामकिशन ने एक तेज धारदार हथियार से मनोज पर हमला कर दिया। इस घातक हमले में गर्दन और कंधे पर चोट लगने से मनोज गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि वारदात को के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गया।
​पुलिस की कार्रवाई और पीछा
​खार पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी काफी शातिर था; उसने पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था।
​सीसीटीवी और तकनीकी विश्लेषण: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए आरोपी का पीछा किया।
​वसई से सिद्धार्थनगर: उसकी पहली लोकेशन पालघर के वसई में मिली। जब पुलिस वहां पहुंची, तो पता चला कि वह उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित अपने पैतृक गांव भाग गया है।
​नेपाल सीमा पर घेराबंदी: जब मुंबई पुलिस की टीम सिद्धार्थनगर पहुंची, तो वहां से भी आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह नेपाल भागने की योजना बना रहा है।
​कड़कड़ाती ठंड में सीमा पर बिछाया जाल
​खार पुलिस की क्राइम डिटेक्शन टीम तुरंत भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी (इतवा थाना क्षेत्र) पहुंची। भारी ठंड और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच पुलिस ने निगरानी रखी और 5 जनवरी को आरोपी रामकिशन को उस वक्त धर दबोचा जब वह सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था।
​अदालत में पेशी
​पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले आई है। बुधवार को उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। घायल मनोज जांगिड़ का उपचार जारी है।

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