मुंबई: बीएमसी (मुंबई महानगर पालिका) के एक अधिकारी वसंतकुमार देवेंद्र की हत्या के सनसनीखेज मामले में मुंबई की एक विशेष एससी/ एसटी कोर्ट ने दो भाइयों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह पूरा विवाद एक प्रेम विवाह से शुरू हुआ था। हत्या मई 2021 में मृतक के साले (पत्नी के भाई) के अंतरजातीय विवाह से उपजी रंजिश का बदला लेने के लिए की गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बालकृष्ण नाडर की भांजी संध्या ने विघ्नेश नाम के युवक से शादी की थी। विघ्नेश, मृतक वसंतकुमार देवेंद्र की पत्नी प्रियंका का भाई था। संध्या का परिवार इस शादी के खिलाफ था क्योंकि विघ्नेश कथित तौर पर उनसे ‘निचली’ जाति से ताल्लुक रखता था। आरोपियों ने वसंतकुमार को पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि यह शादी हुई, तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। चेतावनी के बावजूद, विघ्नेश और संध्या ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी कर ली।
डिनर पार्टी के दौरान किया हमला
शादी से नाराज होकर, 30 मई 2021 को जब वसंतकुमार अपनी पत्नी प्रियंका के साथ एक दोस्त की शादी के बाद आयोजित डिनर पार्टी में शामिल थे, तभी दोनों आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने वसंतकुमार पर हंसिया और चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वसंतकुमार की पत्नी प्रियंका की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अब साढ़े तीन साल बाद, विशेष अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर दोनों भाइयों को इस क्रूर हत्या का जिम्मेदार ठहराया है। विशेष अदालत ने 40 वर्षीय बालकृष्ण नाडर और उसके 30 वर्षीय भाई मरगेश नाडर को बीएमसी अधिकारी वसंतकुमार देवेंद्र की हत्या का दोषी पाया। अदालत ने दोनों आरोपियों को सख्त सजा सुनाते हुए उम्रकैद की सजा दी है।

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