मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के मालाड इलाके में रेप पीड़िता की हिम्मत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। यहाँ एक 34 वर्षीय मूक-बधिर महिला ने अपने साथ 16 साल पहले हुए यौन उत्पीड़न के खिलाफ अब मामला दर्ज कराया है। लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 45 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना साल 2009 की है जब पीड़िता नाबालिग थी। वह अपनी एक सहेली की जन्मदिन की पार्टी में गई थी, जहाँ से एक सहेली उसे आरोपी के घर ले गई। आरोप है कि वहाँ आरोपी ने महिला की कोल्ड ड्रिंक में नशीली गोलियाँ मिला दीं और उसके बेहोश होने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता को होश आया, तब उसने अपने परिवार को इस बारे में बताया था, लेकिन उस वक्त उसे परिवार से कोई सहयोग नहीं मिला और मामला दब गया था।
पति के सहयोग से मिली हिम्मत
सालों बाद, अब शादीशुदा हो चुकी पीड़िता ने अपने पति को उस दर्दनाक हादसे के बारे में जानकारी दी। पीड़िता को पता चला कि आरोपी ने उसके जैसी कई अन्य लड़कियों को भी अपना शिकार बनाया है। इसके बाद पति के सहयोग और एक एनजीओ की मदद से मामला पुलिस तक पहुँचा। कुरार पुलिस ने आरोपी को 14 दिसंबर को गिरफ्तार किया, जहाँ पूछताछ के लिए एक प्रमाणित अनुवादक (ट्रांसलेटर) की भी मदद ली गई।
आरोपी भी है दिव्यांग
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी की पहचान महेश रमेश पवार (45) के रूप में हुई है, जो खुद भी दिव्यांग है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल से कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं। वह अक्सर महिलाओं को नशीला पदार्थ पिलाकर उनके वीडियो बनाता था और फिर उन्हें ब्लैकमेल करता था। पुलिस को शक है कि वह अब तक लगभग 10 लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बना चुका है। चूंकि घटना वाकोला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में घटित हुई थी, इसलिए मामला वहां ट्रांसफर कर दिया गया है। आरोपी ने फिलहाल सभी आरोपों से इनकार किया है, लेकिन पुलिस के पास ठोस सबूत मौजूद हैं। अदालत ने आरोपी को 18 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version