मुंबई : “सुधारणा व पुनर्वसन” अर्थात सुधार और पुनर्वास, कारागृह विभाग का घोष वाक्य है। इसी संकल्पना को साकार करते हुए, डॉ. सुहास वारके (भा.पो.से.), अपर पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक, कारागृह व सुधार सेवा, महाराष्ट्र राज्य, पुणे की प्रेरणा से और योगेश देसाई, विशेष कारागृह महानिरीक्षक के मार्गदर्शन में कल्याण जिला कारागृह में एक अनोखा और भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष आयोजन
14 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कल्याण जिला कारागृह प्रशासन और सेवाधाम संस्था के संयुक्त तत्वावधान में महिला कैदियों के लिए एक भव्य संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 143 महिला कैदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हँसी, गीत और उमंग से भरा रहा कार्यक्रम
कार्यक्रम में महिला कैदियों के लिए कई रोचक गतिविधियाँ रखी गईं। मिमिक्री कलाकारों द्वारा हास्य और विनोद का अनोखा प्रदर्शन
मराठी व हिंदी भक्तिगीत, भावगीत और देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति संगीत स्पर्धा, जिसमें कैदियों ने खुद बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कैदियों ने दिखाई अपनी छुपी प्रतिभा
इस कार्यक्रम ने महिला कैदियों को अपने भीतर की कला को व्यक्त करने का सुनहरा अवसर दिया। उन्होंने व्यक्तिगत और सामूहिक नृत्य, सुमधुर गायन, लावणी और लोकनृत्य की प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। चार दीवारों के भीतर भी उनकी प्रतिभा और जीवन जीने की ललक साफ़ झलकी।
प्रेरणादायक व्याख्यान ने जगाई नई उम्मीद
सेवाधाम संस्था से जुड़ीं विशाखा सुतार, प्राचार्य, स्कोर हाईस्कूल, भिवंडी ने महिला कैदियों को एक प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उनके शब्दों ने कैदियों के मन में जीवन के प्रति एक नई उम्मीद और सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया।
कारागृह प्रशासन की मानवीय पहल
कारागृह प्रशासन द्वारा इस तरह के सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक और मनोरंजनात्मक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन यह दर्शाता है कि सजा केवल दंड नहीं, बल्कि सुधार का माध्यम भी है। इस कार्यक्रम ने न केवल महिला कैदियों के चेहरे पर मुस्कान लाई, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाया कि समाज की मुख्यधारा में लौटने का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है।
