नाबालिग का अपहरण कर मांगी 20 लाख रुपये की फिरौती
नवी मुंबई पुलिस ने चारों आरोपियों को किया गिरफ्तार

मुंबई: नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक साहसिक कार्रवाई में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़के को उसके अपहरणकर्ताओं की कैद से मुक्त कराया है। लड़के का अपहरण सोशल नेटवर्किंग साइट इंस्टाग्राम एक लड़की के फेक प्रोफाइल के जरिए प्यार का झांसा देकर किया गया था और अपहरणकर्ताओं ने उसकी रिहाई के लिए 20 लाख रुपए की फिरौती की मांग की थी। पुलिस ने इस फेक गर्लफ्रेंड वाले ठग गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
दिलचस्प बात यह है कि इस ठग गैंग के मुखिया ने यह ‘आइडिया’ खुद के साथ हुई एक ठगी से उधार लिया था। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रदीपकुमार जायसवाल (24) के साथ भी कुछ महीने पहले इसी तरह की ठगी हुई थी। उसने इसी तरीके को दोहराते हुए त्वरित कमाई का फैसला किया और तीन अन्य साथियों को साथ लेकर एक फर्जी लड़की का इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
नाबालिग ने इंस्टाग्राम पर एक लड़की से दोस्ती की, जो आरोपियों द्वारा बनाया गया फेक प्रोफाइल था। उस फेक गर्ल फ्रेंड की प्रोफाइल के जरिए आरोपियों ने किशोर को मिलने के बहाने ऐरोली से कल्याण बुलाया। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने किशोर को एक फ्लैट में कैद कर लिया था।
ऐसे किया पुलिस ने पर्दाफाश
अपहरणकर्ताओं ने लड़के के रिश्तेदारों को व्हाट्सएप वॉइस मैसेज भेजकर फिरौती की मांग की थी। रिश्तेदारों की शिकायत पर नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने विशेष टीमें बनाईं।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से कैब ड्राइवर और फिर अपहरण स्थल का पता लगाया गया।
कल्याण के साई आराधना अपार्टमेंट में छापेमारी कर लड़के को तीन दिन बाद सकुशल बचा लिया गया।
कौन हैं आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों में मोटर ट्रेनिंग स्कूल के ट्रेनर, दो गैरेज कर्मचारी और एक फूड डिलीवरी एजेंट शामिल हैं। सभी की उम्र 19 से 24 साल के बीच है और सभी उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं। उन्हें अदालत ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
चेतावनी और सतर्कता
यह मामला युवाओं को सोशल मीडिया पर अजनबियों से होने वाली दोस्ती और मुलाकात के प्रति सावधान करता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह गैंग पहले भी इसी तरह के अपराधों में शामिल रहा है।

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