मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने मुंबई महानगरपालिका चुनावों में निर्वाचन निर्णय अधिकारियों (रिटर्निंग ऑफिसर) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे सत्ताधारी दलों के दबाव में काम करते हुए विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र बेबुनियाद कारणों से खारिज कर रहे हैं, जबकि अयोग्य उम्मीदवारों के पत्रों को वैध ठहरा रहे हैं। उन्होंने इन अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जाने और राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत करने की चेतावनी दी है।
एनसीपी के मुंबई प्रभारी और पूर्व मंत्री नवाब मलिक ने कुछ विशिष्ट वार्डों का उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वार्ड क्रमांक 87 का जिक्र करते हुए कहा कि वार्ड 87 में बीजेपी के उम्मीदवार ने जी +2 का घर बनाया है। उनके खिलाफ शिकायत की गई है। इसके बाद भी उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। इसी तरह वार्ड 151 (जहां भाजपा के उम्मीदवार को जाति प्रमाणपत्र के बिना नामांकन वैध माना गया), वार्ड क्रमांक 119 (जहां शिवसेना (शिंदे) के उम्मीदवार के महानगर पालिका का ठेकेदार होने के बावजूद नामांकन को वैध ठहराया गया) और प्रभाग 135 का विशेष उल्लेख किया। इसके अलावा, उन्होंने एम-वार्ड, विक्रोली और एस-वार्ड के निर्वाचन अधिकारियों के कार्यों पर भी सवाल उठाए, जहां उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच में पक्षपात के आरोप लगाए। मलिक ने एक उम्मीदवार द्वारा राजस्थान का जाति प्रमाणपत्र पेश करने के बावजूद उसके नामांकन को स्वीकार किए जाने को भी गलत बताया।
मुंबई का महापौर एनसीपी का ही होगा
नवाब मलिक ने आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर भी एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस बार मुंबई का महापौर राष्ट्रवादी कांग्रेस से ही होगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कई अहम मुद्दों पर पार्टी की रणनीति पर भी विस्तार से अपना पक्ष रखा।
गठबंधन की जरूरत नहीं’
मलिक ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस इस चुनाव में किसी गठबंधन के बिना अपने दम पर लड़ रही है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और अजित पवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस रणनीति पर पूरा भरोसा दिखाया।
94 उम्मीदवार, महिलाओं और सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व
मलिक के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस ने मुंबई की 94 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें सबसे अधिक उत्तर भारतीय समुदाय के उम्मीदवार हैं। उम्मीदवारों की सूची में डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, सब्जी विक्रेता, सफाई कर्मचारी सहित हर समाज के लोग शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव मराठी के मुद्दे पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा।
16 जनवरी को साफ होगी तस्वीर
नवाब मलिक ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस की मुंबई में वास्तविक ताकत 16 जनवरी को मतगणना के दिन स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने यह भी इशारा किया कि प्रभाग क्रमांक 135 से चुनाव लड़ रहे एक बड़े राष्ट्रीय नेता को परिणाम के दिन झटका लगेगा।
एक परिवार के टिकट के आरोप खारिज
एक ही परिवार को टिकट देने के आरोपों को खारिज करते हुए मलिक ने कहा कि उनके भाई और बहन रिश्तेदार जरूर हैं, लेकिन परिवार के सदस्य नहीं। चूंकि वे पिछले चुनाव जीत चुके हैं, इसलिए उन्हें पार्टी की ओर से टिकट दिया गया है।
चुनाव आयोग ने भी ली गंभीरता से नोटिस
इस बीच, राज्य चुनाव आयोग ने भी विभिन्न महानगरपालिकाओं में निर्वाचन अधिकारियों की मनमानी की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। आयोग ने संबंधित आयुक्तों से रिपोर्ट मांगी है और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

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