मुंबई : विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के लिए कुशल एवं तकनीकी रूप से सक्षम मानव संसाधन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर तथा क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों के कारण रोजगार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। इन परिवर्तनों का सामना करने के लिए युवाओं को आधुनिक कौशल प्रदान करना समय की आवश्यकता है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा।
मुख्यमंत्री फडणवीस, होटल ताज प्रेसिडेंट में आयोजित वाय4डी (यूथ फॉर डेवलपमेंट) के ‘इंडिया @ 2047 – पावर ऑफ स्किल एंड एजुकेशन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, वाय4डी के अध्यक्ष प्रफुल निकम तथा विभिन्न उद्योग समूहों के प्रमुख उपस्थित थे।
भारत बना चौथी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और शीघ्र ही तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के 25 करोड़ नागरिक अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं तथा आधारभूत संरचना, आवास, स्वच्छता और आजीविका के अवसरों के माध्यम से समावेशी विकास को गति मिली है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौशल विकास को विशेष महत्व देना होगा। युवाओं की जनसांख्यिकीय शक्ति को आर्थिक सामर्थ्य में बदलने के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण आवश्यक है।
बदलेगा रोजगार का स्वरूप
सीएम देवेंद्र ने बताया कि कृषि क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘महाविस्तार’ ऐप विकसित किया है, जिसके माध्यम से लाखों किसानों को फसल प्रबंधन, मौसम, कीट नियंत्रण तथा सिंचाई संबंधी जानकारी उपलब्ध हो रही है। यह ऐप विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे तकनीक का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अगले एक हजार दिनों में लगभग 70 प्रतिशत रोजगारों का स्वरूप बदल जाएगा। इस बदलती व्यवस्था में युवाओं को प्रासंगिक कौशल और ज्ञान प्रदान करने के लिए सरकार, उद्योग जगत और सामाजिक संगठनों को मिलकर कार्य करना होगा।
सीएसआर के माध्यम से प्रभावी कार्य
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से जल सुरक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में वाय4डी ने एक प्रभावी सेतु की भूमिका निभाई है। पिछले 11 वर्षों में संस्था ने सामाजिक प्रभाव पर आधारित विश्वसनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि केवल समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के बजाय उनके वास्तविक सामाजिक प्रभाव को मापकर इम्पैक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अवधारणा अभिनव है और अन्य सीएसआर भागीदार संस्थाओं को भी इस पद्धति को अपनाना चाहिए।
विभिन्न समूहों की रिपोर्टों का विमोचन
इस अवसर पर विभिन्न उद्योग समूहों द्वारा किए गए समझौता ज्ञापनों के परिणामों पर आधारित प्रभाव रिपोर्टों का विमोचन किया गया। सामाजिक परिवर्तन में योगदान देने वाले सभी उद्योग समूहों तथा वाय4डी संस्था को मुख्यमंत्री फडणवीस ने बधाई दी।

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