मुंबई: महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में लंबे समय के बाद मौसम में बदलाव आने वाला है, जिसकी वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रही चक्रवाती प्रणाली ‘सेनयार’ (Senyar) है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 22 नवंबर के आसपास बने एक निम्न दबाव के क्षेत्र की पहचान की है, जिसके 24 नवंबर तक गहरे दबाव में बदलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रणाली सीधे तौर पर मुंबई को प्रभावित नहीं करेगी, लेकिन तटीय क्षेत्रों में नमी खींचकर शुष्क मौसम का अंत कर सकती है।
इन जिलों में होगी हल्की बारिश
यह चक्रवाती बदलाव महाराष्ट्र के कोंकण बेल्ट में हल्की बारिश लाएगा।
प्रभावित जिले: मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग।
अनुमानित समय: 23 और 24 नवंबर को हल्की बारिश हो सकती है।
मुंबई की स्थिति: मुंबई में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है, खासकर तटीय और पश्चिमी भागों में। 24 नवंबर को दोपहर और शाम को उमस भरा मौसम रह सकता है, लेकिन यह बारिश मौजूदा गर्मी से कुछ राहत दिलाएगी।
मुख्य प्रभाव महाराष्ट्र से दूर
स्काईमेट वेदर के मुताबिक, चक्रवात सेनयार के 25-26 नवंबर तक बनने की संभावना है और यह मुख्य रूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों की ओर बढ़ेगा।
सबसे ज़्यादा असर: इस चक्रवात का सबसे ज़्यादा प्रभाव अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर पड़ेगा, जहाँ भारी बारिश और समुद्र में तेज़ लहरें उठने की आशंका है।
पुणे: पुणे शहर पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। यहाँ केवल आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।
आईएमडी की सलाह
वर्तमान में, आईएमडी ने मुंबई या पुणे के लिए कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है। फिर भी, मौसम विशेषज्ञों ने तटीय महाराष्ट्र के निवासियों को मौसम पूर्वानुमानों पर बारीकी से नज़र रखने की सलाह दी है, क्योंकि इस मौसमी प्रणाली की दिशा और तीव्रता में बदलाव आ सकता है। स्थानीय मौसम केंद्र समय पर अपडेट जारी करते रहेंगे।
