पनवेल. शादी के लिए लगातार दबाव बना रही प्रेमिका की हत्या कर शव को पेट्रोल डालकर जलाने और सबूत मिटाने की कोशिश करने वाले आरोपी प्रेमी को पनवेल तालुका पुलिस (Panvel Taluka police station news) ने गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि पूरी तरह जले हुए शव की पहचान नहीं होने के बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच और गहन पड़ताल के जरिए इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया।
जंगल में मिला था अधजला शव
11 अप्रैल 2026 को चिंचवली-वाकड़ी गांव की सीमा में वन विभाग की जमीन पर झाड़ियों के बीच एक महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था। शव पूरी तरह से जल जाने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। इस मामले में पनवेल तालुका पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
लापता महिला की पहचान से खुला हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस हवलदार सुनील कुदळे को शील-डायघर पुलिस थाने में दर्ज अनितादेवी राजभर (30) की गुमशुदगी की जानकारी मिली। जांच में उसके शरीर पर मौजूद आभूषण, हाथ में बंधा धागा और शारीरिक बनावट जले हुए शव से मेल खाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने अनितादेवी के संपर्क में रहने वाले लोगों की जांच शुरू की।
तकनीकी जांच में सामने आया आरोपी का नाम
जांच में पता चला कि करण नामदेव पाटील (27), निवासी शीलफाटा, ठाणे का मृतका से लगातार संपर्क था। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गजानन घाडगे और पुलिस निरीक्षक आनंद कांबले के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक दीपक शेलके, हर्षल राजपूत और पुलिस हवलदार सुनील कुदळे की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की।
पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बावजूद करण के उपस्थित नहीं होने पर पुलिस का संदेह गहरा गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, जहां कड़ी पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
लोहे की रॉड से की थी हत्या
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अनितादेवी लगातार उससे विवाह करने की मांग कर रही थी। उससे पीछा छुड़ाने के लिए आरोपी ने 6 अप्रैल को उसे एक सुनसान जगह पर बुलाया और लोहे की रॉड से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह शव को कार से चिंचवली इलाके में ले गया और कार से निकाले गए पेट्रोल को शव पर डालकर उसे आग के हवाले कर दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
बिना प्रत्यक्ष सुराग के पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
पनवेल तालुका पुलिस ने 8 जून को आरोपी करण नामदेव पाटील को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे 12 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मृतका की पहचान नहीं होने और शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिलने के बावजूद पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों से इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश हो सका।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version