मुंबई: महाराष्ट्र में गर्भ लिंग जांच (लिंग निदान) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिसे लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक रोष देखने को मिला। विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान आरोग्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सख्त रुख अपनाते हुए कानून में और कड़ी सजा का प्रावधान करने की घोषणा की।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य में गर्भ लिंग निदान पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘महाराष्ट्र प्रसूति पूर्व विधान तंत्रज्ञान वापर कायदा 1988’ (PCPNDT एक्ट) में संशोधन करके दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
महिला दिवस पर विचार:
मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को रजा दिए जाने के मुद्दे पर भी मंत्री आबिटकर ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में गंभीरता से विचार करेगी।
आव्हाड का हमला
हालांकि, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने इस मामले में सरकार की नाकामी को लेकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने लक्षवेधी के जरिए कहा कि राज्य के 24 जिलों में बेटी को लेकर नकारात्मक सोच व्याप्त है। आव्हाड ने आरोप लगाया कि सरकार की ‘लेक लाडकी’, ‘माझी कन्या भाग्यश्री’ और ‘सुकन्या समृद्धि’ जैसी योजनाएं पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने कहा, “बेटी को आज भी बोझ और कुल की बदनामी समझा जाता है। सरकार की नीतियां स्त्री-विरोधी हैं और इसकी वजह से राज्य की पारंपरिक छवि धूमिल हुई है। स्त्री भ्रूण हत्या आज भी जारी है और बेटियों को पेट में ही मार दिया जाता है।”
चर्चा में शामिल अन्य सदस्य
इस महत्वपूर्ण चर्चा में नितीन राऊत, ज्योती गायकवाड, तुझ्या राठोड और प्रशांत बंग सहित कई सदस्यों ने हिस्सा लिया और अपने विचार रखे।
कार्रवाई और आंकड़े
चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री आबिटकर ने सदन को जानकारी दी कि सरकार ने लिंग जांच करने वाले केंद्रों पर प्रभावी कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि राज्यभर के 627 केंद्रों पर कार्रवाई करते हुए 129 लोगों को सजा सुनाई जा चुकी है। उन्होंने दावा किया कि सख्ती के चलते राज्य में महिला जन्म दर में सुधार हुआ है और यह बढ़कर 913 हो गया है। कुछ जिलों में तो यह दर 1000 के पार पहुंच गई है, जहां यह कम है, वहां विशेष जांच की जाएगी।
पड़ोसी राज्यों पर शिकंजा
मंत्री ने एक अहम जानकारी देते हुए बताया कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में PCPNDT एक्ट सख्ती से लागू न होने के कारण कई लोग वहां जाकर लिंग जांच कराते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर रखी जाएगी और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी।
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