मुंबई. वैश्विक महानगर मुंबई के मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और पुणे शहर में 1 जनवरी 2011 से पहले सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को नियमित करने और वहां रहने वाले लोगों को उनके हक का घर दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 2011 से पहले के पात्र परिवारों का व्यापक सर्वेक्षण करने और राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपने के लिए एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं. इससे अब तक छूटे हुए क्षेत्रों के नागरिकों को भी 2011 की कट-ऑफ तिथि के तहत नियमितीकरण का लाभ और कानूनी आवास का अधिकार मिल सकेगा.
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहले से नियमितीकरण से बाहर रह गए क्षेत्रों का जल्द सर्वेक्षण शुरू किया जाए. इसके लिए कोंकण संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी.
कई विभाग मिलकर करेंगे काम
समिति में जिला कलेक्टर कार्यालय, स्लम पुनर्विकास प्राधिकरण (एसआरए), बृहन्मुंबई महानगरपालिका, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका, भूमि अभिलेख विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. समिति इन क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी.
छह महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश
बैठक में मंत्री बावनकुले ने कहा कि पात्र अतिक्रमणधारकों को नियमितीकरण की प्रक्रिया में न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है. साथ ही शहरों में अनियोजित अतिक्रमण की समस्या का चरणबद्ध समाधान भी किया जाएगा. उन्होंने समिति को छह महीने के भीतर सर्वेक्षण पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए.
शहर नियोजन को भी मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से पात्र लोगों को कानूनी आवास का अधिकार मिलने में मदद मिलेगी. साथ ही शहरों के बेहतर नियोजन, विकास और भूमि प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी.

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