बकरी ईद से पहले बकरों की ढुलाई पर कार्रवाई रोकने की मांग
शाहरुख मुलानी ने मुख्यमंत्री-परिवहन मंत्री को लिखा पत्र

मुंबई : बकरी ईद के मद्देनजर बकरों की ढुलाई करने वाले किसानों और ग्राहकों पर पुलिस एवं आरटीओ द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर ‘महाराष्ट्र राज्य मुल्ला मुलाणी समाज’ के अध्यक्ष शाहरुख मुलाणी ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री व गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को ईमेल के माध्यम से निवेदन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मुलाणी ने कहा कि गरीब किसानों को कानून के नाम पर परेशान करना उचित नहीं है और प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
“सालभर मेहनत करने वाले किसानों पर हो रही कार्रवाई”
शाहरुख मुलाणी ने कहा कि 28 मई 2026 को देशभर में बकरी ईद मनाई जाएगी। इस अवसर पर राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों और जिलों के हजारों गरीब किसान पूरे साल बकरों का पालन-पोषण कर मुंबई जैसे महानगरों में बिक्री के लिए आते हैं। लेकिन पुलिस और आरटीओ प्रशासन द्वारा इन किसानों के वाहनों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर वाहन जब्त किए जा रहे हैं, जिससे किसानों में भारी नाराजगी का माहौल है। उन्होंने कहा कि आरटीओ विभाग पशु परिवहन परमिट की अनिवार्यता बता रहा है, लेकिन केवल एक सप्ताह के परिवहन के लिए पूरे वर्ष का परमिट लेना गरीब किसानों के लिए संभव नहीं है। ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
“सरकार एक तरफ अनुदान देती है, दूसरी तरफ प्रशासन कार्रवाई करता है”
मुलाणी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसान व्यापार नहीं करेंगे तो फिर कौन करेगा? उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं बकरी (मवेशियों के) पालन के लिए अनुदान देती है, लेकिन दूसरी ओर उन्हीं किसानों को कानूनी प्रक्रिया के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब किसान पूरे वर्ष मेहनत करके बकरों का पालन करते हैं और बकरी ईद के दौरान उनकी बिक्री से मिलने वाले लाभ से अपने बच्चों की शिक्षा, शादी, खेती और परिवार का खर्च चलाते हैं। वहीं मुस्लिम समाज के ग्राहक किसानों द्वारा तय कीमत पर बकरे खरीदते हैं। ऐसे में इस विषय को संवेदनशीलता से संभालना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील
शाहरुख मुलाणी ने मांग की कि पुलिस और आरटीओ प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पशुवैद्यकीय अधिकारियों द्वारा बकरों की जांच कराने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। मुलाणी ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो समाज में नाराजगी बढ़ सकती है। इस निवेदन की प्रत परिवहन आयुक्त, पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग, विभिन्न किसान संगठनों, हिंदू खाटीक समाज संगठन और बकरा व्यापारी संगठनों को भी भेजी गई है।
प्रमुख मांगें
बकरी ईद के दौरान बकरों की ढुलाई करने वाले किसानों और ग्राहकों के वाहनों पर कार्रवाई तत्काल रोकी जाए। किसानों के जब्त वाहनों को प्रति वाहन एक हजार रुपए जुर्माना लेकर छोड़ा जाए। ग्राहकों के वाहनों पर केवल 300 रुपए का नाममात्र जुर्माना लगाया जाए। साथ ही पुलिस और आरटीओ प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं।

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