10 आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की अनुमति
मुंबई. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं अन्न व नागरी आपूर्ति मंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंगलवार को हुई बैठक में महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में 7 करोड़ लाभार्थियों को अनाज वितरित करने वाले राशन दुकानदारों का कमीशन 150 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए करने का निर्णय लिया गया. साथ ही केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित और नाफेड के माध्यम से उपलब्ध 10 आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की अनुमति भी राशन दुकानों को दी गई. नए निर्णय से राशन दुकानदारों की कई वर्षों से लंबित मांग पूरी हुई है, जिसे लेकर उनकी संघटनाओं ने खुशी जताई और अजीत पवार का आभार व्यक्त किया.
पूरे देश में लगभग 80 करोड़ तथा महाराष्ट्र में 7 करोड़ लाभार्थियों को राशन दुकानों के माध्यम से सस्ता अनाज उपलब्ध कराया जाता है. केंद्र सरकार के नियंत्रण में आने वाले भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से लेकर राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों तक अनाज पहुंचाने के लिए एक प्रभावी प्रणाली कार्यरत है. महाराष्ट्र में अजीत पवार के नेतृत्व में इस प्रणाली को और तेज, सक्षम, पारदर्शी व विश्वसनीय बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए स्मार्ट राशन कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनें, जीपीएस ट्रैकिंग और लाइव मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से महाराष्ट्र में एक नई खरीद, वितरण, नियंत्रण और रखरखाव प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए गुजरात में कार्यरत प्रणाली का भी अध्ययन किया जाएगा.
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राशनिंग कार्यालय
पवार ने बैठक में कहा कि राशनिंग प्रणाली से जुड़े लंबित मामलों की शीघ्र सुनवाई कर उन्हें निपटाया जाएगा. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गांवों में हर राशन कार्डधारी को नियमानुसार अनाज वितरित किया जाए और इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए. उन्होंने मुंबई और ठाणे क्षेत्र की राशनिंग व्यवस्था का पुनर्गठन कर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक कार्यालय सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी बैठक में लिया गया. इससे पहले 1980 में इस व्यवस्था का पुनर्गठन किया गया था. नए पुनर्गठन के तहत मुंबई और ठाणे में एक परिमंडल कार्यालय और 5 नए राशनिंग कार्यालय बनाए जाएंगे. इससे वहां की नागरी आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सक्षम होगी, ऐसा विश्वास पवार ने व्यक्त किया. बैठक में अन्न व नागरी आपूर्ति विभाग की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजना पर प्रस्तुति दी गई. बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव ओ. पी. गुप्ता, उपमुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव डॉ. राजेश देशमुख, अन्न व नागरी आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव जयश्री भोज, राशनिंग नियंत्रक सुधाकर तेलंग समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और राशन दुकानदार संघटनाओं के पदाधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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