मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को एक बार फिर से एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने आगामी मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए गठबंधन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। वरली स्थित ‘होटल ब्लू सी’ में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों भाइयों ने हाथ मिलाते हुए चुनावी बिगुल फूंका।
फूटोगे तो मिट जाओगे”– उद्धव ठाकरे
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नियंत्रण वाली केंद्र सरकार की ओर इशारा करते हुए मराठी मतदाताओं को आगाह किया। उन्होंने भाजपा के हालिया नारे ‘कटेंगे तो बटेंगे’ पर पलटवार करते हुए नया नारा दिया। उद्धव ने कहा, “पिछली बार उन्होंने एक नैरेटिव सेट किया था, ‘बंटोगे तो कटोगे’, अब मैं कहता हूं कि यदि इस बार आप चूक गए तो खत्म हो जाओगे। यदि तुम (मराठी भाषी लोग) फूट गए तो पूरी तरह मिट जाओगे। टूटो मत, फूटो मत और अपनी विरासत को मत छोड़ो।” उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि अब दोनों भाई एक साथ आए हैं, इसलिए मराठी जनता को भी पूरी ताकत के साथ उनके पीछे खड़ा होना चाहिए।
मुंबई के ‘दुश्मनों’ के खात्मे की शपथ
उद्धव ठाकरे ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के 107 शहीदों और ठाकरे परिवार के संघर्ष को याद करते हुए एक बड़ी शपथ ली। उन्होंने कहा कि “मेरे दादा संयुक्त महाराष्ट्र के सेनापतियों में से एक थे, मेरे पिता और चाचा ने मुंबई के लिए संघर्ष किया। आज दिल्ली में बैठे लोग मुंबई के टुकड़े करना चाहते हैं। अगर हम आपस में लड़ते रहे, तो यह शहीदों का अपमान होगा। हम मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की कोशिश करने वालों का राजनीति से खात्मा करने की शपथ लेकर उतरे हैं।”
राज्य में सक्रिय है बच्चा चोर गिरोह”
सीटों के बंटवारे के सवाल पर राज ठाकरे ने अपने चिरपरिचित अंदाज में सत्तापक्ष पर हमला बोला। उन्होंने भाजपा और शिंदे गुट का नाम लिए बिना तंज भरी शैली में कहा कि “महाराष्ट्र में इन दिनों छोटे बच्चों को अगवा करने वाले गिरोह सक्रिय हैं, जिनमें दो नए गिरोह शामिल हुए हैं जो ‘राजनीतिक बच्चे’ (विधायक/नेता) चुरा रहे हैं।”
राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि मुंबई का अगला मेयर ‘मराठी’ ही होगा और वह ठाकरे गठबंधन का ही होगा। नाशिक और अन्य नगर पालिकाओं के लिए भी गठबंधन पर मुहर लग चुकी है।
मविआ में ‘ट्विस्ट’ : शरद पवार और कांग्रेस की अलग राह
ठाकरे भाइयों के इस मिलन ने महाविकास आघाड़ी (मविआ) के समीकरण बदल दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह मनसे (राज ठाकरे) के साथ गठबंधन नहीं करेगी। लेकिन अब शरद पवार (एनसीपी-एसपी) ने भी उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन की बातचीत रोक दी है। अब पवार गुट मुंबई चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ हाथ मिला सकता है। शुरू में चर्चा थी कि ठाकरे गुट अपने कोटे से पवार गुट को सीटें देगा, लेकिन राज ठाकरे की एंट्री के बाद विपक्षी खेमा दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है।
मराठी एकता का ‘मंगल कलश’
शिवसेना नेता संजय राउत ने इस युति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जिस तरह संयुक्त महाराष्ट्र का मंगल कलश आया था, वैसे ही राज और उद्धव ‘मराठी एकता’ का मंगल कलश लेकर आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब मुंबई सहित अन्य महानगरपालिकाओं पर ‘भगवा’ ही लहराएगा।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version