कुख्यात ज़ुल्फ़िकार और मोहसिन बेहलीम गिरोह को मुंबई क्राइम ब्रांच ने दबोचा
मुंबई: सांताक्रुज में जमीन के विवाद में दो लोगों की बेरहमी से हत्या करने वाले कुख्यात गैंगस्टर ज़ुल्फ़िकार बेहलीम और उसके भाई मोहसिन बेहलीम सहित गिरोह के 12 शातिर अपराधियों को मुंबई क्राइम ब्रांच (यूनिट 9) ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर एक प्रमुख बिल्डर से 25 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप है। इस कार्रवाई से क्राइम ब्रांच ने शहर में फैले इस गिरोह के खौफ को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
27 जुलाई 2016 को सांताक्रुज (पूर्व) स्थित दौलत नगर में ‘दीवान बिल्डर्स’ के एक प्लॉट पर हथियारों से लैस बदमाशों ने हमला बोल दिया। इस भीषण हमले में प्लॉट की रखवाली कर रहे नदीम पटेल (35) और बाबू खान उर्फ बाबू कुर्ला (32) की धारदार हथियारों (चॉपर) से हमला कर हत्या कर दी गई, जबकि शाहिद (32) नाम का शख्स मामूली रूप से घायल हो गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आर्थर रोड जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर ज़ुल्फ़िकार बेहलीम के इशारे पर उसके बड़े भाई मोहसिन बेहलीम (36) ने इस वारदात को अंजाम दिया। मोहसिन ने पोस्ट ग्रेजुएट अपराधी सचिन पवार (34) के साथ मिलकर 15 दिन पहले हत्या की प्लानिंग की और दो बार घटनास्थल की रेकी की थी। इसके बाद ऑटो ड्राइवर सोनू हजारे (19) और संजोग टींगुटे (21) को पैसों का लालच देकर ऑटो रिक्शा से 6 सशस्त्र हमलावरों को सांताक्रुज भेजा गया। आरोपियों ने एक राउंड फायरिंग भी की थी तथा वारदात को अंजाम देकर भांडुप की झोपड़पट्टी में छिप गए।
8 घंटे में मर्डर मिस्ट्री हुई थी सॉल्व
जोन IX के तत्कालीन पुलिस उपायुक्त सत्यनारायण चौधरी के मार्गदर्शन में पुलिस ने केवल 8 घंटे के भीतर सांताक्रुज हत्या कांड का पर्दाफाश करते हुए मोहसिन, सचिन, सोनू और संजोग को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने घायल शाहिद को मामले में मुख्य गवाह बनाया था और मौके से कारतूस का खोखा (बुलेट शेल) बरामद किया था।
अब 25 लाख की रंगदारी लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
अब इसी गिरोह ने मुंबई के एक बिल्डर से कॉन्ट्रैक्ट का काम शुरू करने के एवज में 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी और न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इस सूचना की पुष्टि होने पर क्राइम ब्रांच यूनिट-9 के प्रभारी निरीक्षक सचिन पुराणिक की टीम ने बांद्रा में जाल बिछाया और 25 लाख रुपए लेते हुए गिरोह के मुख्य सरगना ज़ुल्फ़िकार बेहलीम, मोहसिन बेहलीम और उनके 10 सहयोगियों को रंगे हाथों धर दबोचा।
मकोका (MCOCA) का आरोपी है सरगना
मुख्य सरगना ज़ुल्फ़िकार बेहलीम पर पहले ‘मकोका’ (MCOCA) के तहत कार्रवाई हो चुकी है और वह जमानत पर बाहर था। रंगदारी के हालिया मामले में बांद्रा पुलिस स्टेशन (अपराध क्र. 1555/26) / क्राइम ब्रांच मामला क्र. 92/2026 दर्ज की गई है। पुलिसने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) धारा 308(5), 351(3), 61(2), 3(5) और भारतीय हथियार अधिनियम की धारा 3, 25 के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को 31 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
मुंबई पुलिस की आम जनता से अपील
“इस सफल कार्रवाई में पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह-आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय, डीसीपी नवनाथ ढवले और एसीपी विनायक चव्हाण के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच यूनिट-9 के वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में कई व्यापारियों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूली है। यदि इस गिरोह ने किसी अन्य व्यक्ति से पैसों की मांग की है या डराया-धमकाया है, तो वे बिना किसी डर के तुरंत क्राइम ब्रांच यूनिट-9 या मुंबई पुलिस से संपर्क करें।”
