मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने ‘म्हाडा’ की आवास और पुनर्विकास परियोजनाओं में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों की शिकायतें और सुझाव सुनने के लिए अलग कक्ष बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवास क्षेत्र में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
सह्याद्री अतिथिगृह में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ‘म्हाडा’ की निर्माण और पुनर्विकास परियोजनाओं से जुड़े नागरिकों की समस्याओं को सुनने के लिए अलग कक्ष बनाया जाए। इससे शिकायतों का समय पर समाधान हो सकेगा और परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
विदेशी निवेश को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने मुंबई महानगर क्षेत्र सहित राज्य में चल रही आवास परियोजनाओं में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी। बैठक में आवास राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे, ‘म्हाडा’ के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समय पर पूरे होंगे आवास प्रकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘म्हाडा’ की परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में आम लोगों को घर उपलब्ध होंगे। उन्होंने सभी परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने, बीडीडी चॉल पुनर्वसन कार्य में तेजी लाने और कामाठीपुरा पुनर्विकास परियोजना में सड़क और पुल जैसी आधारभूत सुविधाओं की व्यवहार्यता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
एमएमआर में 15 बड़े प्रकल्प
बैठक में जानकारी दी गई कि मुंबई महानगर क्षेत्र में ‘म्हाडा’ के 3.70 लाख करोड़ रुपये के 15 प्रकल्पों पर काम चल रहा है, जिनसे 2.15 लाख से अधिक आवास तैयार होंगे। मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही अक्कलकोट तीर्थक्षेत्र विकास परियोजना के पहले और दूसरे चरण को भी मंजूरी दी गई।

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