शिमला : (Shimla) मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu) ने कहा है कि प्रदेश केंद्रीय सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक और कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक में नए सिरे से वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) लाएगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सतपाल सिंह सत्ती के एक सवाल के जवाब में कहा कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में लाई गई ओटीएस के तहत 5461 मामले निपटारे के लिए आए हैं। इन मामलों में 198.37 करोड़ रुपये की राशि का निपटान होना था, जबकि 185.27 करोड़ रुपये की राशि को योजना के तहत माफ किया जाना था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत कुल 4420 मामलों को निपटान के बाद बंद कर दिया गया। इन मामलों में बैंक के 112.11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली गई, जबकि 142.15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ की गई। उन्होंने कहा कि योजना के तहत निपटान के लिए आए 1041 मामलों में उधारकर्ताओं ने निपटान राशि का भुगतान नहीं किया है और ये मामले अभी भी बरकरार हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में माना कि बैंक ने उन लोगों को ओटीएस का लाभ नहीं दिया, जिनकी संपत्तियां बैंक के कब्जे में है, जबकि बैंक ने उन सभी उधारकर्ताओं को योजना का लाभ दिया है, जिन्होंने नीति के नियमों और शर्तों के अनुसार ओटीएस के तहत आवेदन किया था। उन्होंने कहा कि सरकार के पास ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें पात्र उधारकर्ताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। ऐसे में सरकार अब आरबीआई के साथ विचार-विमर्श कर इस योजना के तहत छूट गए छोटे-छोटे कर्जदारों को भी इसका लाभ देने के लिए योजना लाएगी। यह योजना प्रदेश सरकार के तीन बैंकों में एक साथ लाई जाएगी।

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