मुंबई : खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषध प्रशासन, बृहन्मुंबई विभाग द्वारा “खाद्य सुरक्षा में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 26 मई 2026 को किया जा रहा है। इस कार्यशाला में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और सहायक आयुक्तों को अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानकों तथा वैश्विक व्यापार नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
संजय दवेसर करेंगे मार्गदर्शन
कार्यशाला के प्रमुख मार्गदर्शक संजय दवेसर होंगे, जिन्होंने कोडेक्स एलिमेंट्रीअस (Codex Alimentarius) के पूर्व अध्यक्ष तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के पूर्व सलाहकार के रूप में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुभव के माध्यम से अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।
WTO, TBT और SPS समझौतों पर विशेष जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), तकनीकी व्यापार बाधाएं (टीबीटी) और सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी उपाय (एसपीएस) जैसे वैश्विक ढांचों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अधिकारियों को बताया जाएगा कि ये संस्थाएं और समझौते किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार, गुणवत्ता मानकों, लेबलिंग और उपभोक्ता सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। डब्ल्यूटीओ को वैश्विक व्यापार को नियंत्रित करने वाली महत्वपूर्ण संस्था माना जाता है, जिसका उद्देश्य मुक्त, पारदर्शी और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देना है। वहीं टीबीटी समझौता तकनीकी नियमों और गुणवत्ता मानकों के कारण व्यापार में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न न हों, यह सुनिश्चित करता है। एसपीएस समझौता खाद्य सुरक्षा, पशु स्वास्थ्य और वनस्पति संरक्षण से जुड़े वैज्ञानिक उपायों पर आधारित है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
कोडेक्स एलिमेंट्रीअस को बताया गया वैश्विक मानक
कार्यशाला में कोडेक्स एलिमेंट्रीअस के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा। एफएओ और डब्ल्यूएचओ द्वारा विकसित यह अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानकों का ऐसा ढांचा है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री सुनिश्चित करना तथा वैश्विक खाद्य व्यापार में एकरूपता बनाए रखना है। डब्ल्यूटीओ के एसपीएस समझौते में भी कोडेक्स मानकों को विशेष महत्व दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार कोडेक्स एलिमेंट्रीअस खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के लिए जोखिम मूल्यांकन का आधार तैयार करता है और खाद्य पदार्थों में मिलावट व दूषित तत्वों की स्वीकार्य सीमाएं निर्धारित करने में मदद करता है। यह वैश्विक खाद्य व्यापार में कानूनी सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।
आयुक्त तुकाराम मुंढे भी रहेंगे उपस्थित
कार्यक्रम में खाद्य एवं औषध प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे भी उपस्थित रहकर अधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे। विभाग का मानना है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों को अधिक सुरक्षित, शुद्ध एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
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