मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि मातृभाषा और भारतीय भाषाएं ज्ञान, संस्कृति तथा मूल्यों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए मातृभाषा में शिक्षा, भारतीय भाषाओं का संरक्षण और मूल्याधारित पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वह मुंबई हिंदी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक अमित साटम, राजहंस सिंह, मुरजी पटेल, संजय उपाध्याय सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी पत्रकारिता का अहम योगदान
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है और देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजागरण पैदा करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी के पहले समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने देश के सामाजिक और राष्ट्रीय विचारों को नई दिशा दी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अनेक नेताओं ने पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रभावना को मजबूत बनाने का कार्य किया।

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के संबंधों का किया उल्लेख
फडणवीस ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, परंपरा और संस्कृति ने दोनों राज्यों को हमेशा जोड़े रखा है। हिंदी और मराठी दोनों भाषाएं संस्कृत परंपरा से विकसित हुई हैं और देवनागरी लिपि के कारण उनमें स्वाभाविक निकटता दिखाई देती है।
मातृभाषा में शिक्षा से ज्ञान का बेहतर विकास
मुख्यमंत्री ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया के अधिकांश विकसित देशों में शिक्षा मातृभाषा में दी जाती है। मातृभाषा के माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने पर ज्ञान को अधिक प्रभावी ढंग से आत्मसात किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृभाषा को प्राथमिकता देने की नीति देश के विकास के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपनी मातृभाषा के साथ अन्य भारतीय भाषाओं का भी ज्ञान प्राप्त करने का आह्वान किया।
सत्यता और विश्वसनीयता ही पत्रकारिता की असली ताकत
पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया के विस्तार ने सूचना प्रसारण की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। हालांकि किसी खबर के तेजी से प्रसारित होने से अधिक महत्वपूर्ण उसकी सत्यता और विश्वसनीयता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता समाज में मूल्यों के संरक्षण और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने का कार्य करती है। बदलते समय में भी पत्रकारिता को अपने मूल सिद्धांतों और सामाजिक दायित्वों को बनाए रखना चाहिए।
भाषा समाज को जोड़ने का माध्यम: ब्रजेश पाठक
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है।

वरिष्ठ पत्रकारों और प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिंदी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार गंगाधर ढोबले, हेमंत तिवारी, कुमुद संघवी चावरे, विनीत कुमार सिंह और अवधेश व्यास को सम्मानित किया। इसके अलावा प्रो. राममोहन पाठक तथा प्रसिद्ध गायक सुरेश शुक्ला का भी विशेष सम्मान किया गया।
मुंबई हिंदी पत्रकार संघ की भूमिका पर प्रकाश
मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के महासचिव विजय सिंह कौशिक ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए बताया कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस विशेष समारोह का आयोजन किया गया। उन्होंने संघ की गतिविधियों और हिंदी पत्रकारिता के विकास में उसके योगदान की भी जानकारी दी।

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