मुंबई कांग्रेस का वायु प्रदूषण घोषणापत्र जारी
‘मुंबई कांग्रेस का मिशन-प्रदूषण को जड़ से मिटाना!’
मुंबई: मुंबई में प्रदूषण अत्यंत खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और श्वसन संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। मुंबईवासियों को स्वच्छ हवा भी नसीब नहीं हो रही है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षाताई एकनाथ गायकवाड ने कहा कि मुंबई की हवा का जहरीला होना प्रकृति का दोष नहीं, बल्कि भ्रष्ट, गैरजिम्मेदार और अवसरवादी सरकार की उदासीनता, लापरवाही और प्रयासों की कमी का परिणाम है। उन्होंने दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर मुंबईवासियों के सांस लेने के अधिकार को नगर निगम के पहले दिन से ही सुरक्षित करेगी।
मुंबई कांग्रेस ने रविवार को मुंबई में वायु प्रदूषण के संदर्भ में अपना घोषणापत्र जारी किया। इस अवसर पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षाताई गायकवाड, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव यू.बी. व्यंकटेश, पूर्व मंत्री एवं विधायक अस्लम शेख, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सचिन सावंत, विधायक अमीन पटेल, डॉ. ज्योति गायकवाड, घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मधु चव्हाण, उपाध्यक्ष प्रणिल नायर, प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस, अखिलेश यादव, हरगुन सिंह, जिला अध्यक्ष कचरू यादव, अरशद आजमी, भावना जैन, केतन शाह, राजपति यादव सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
मुंबई में सड़कों का कंक्रीटीकरण बड़े पैमाने पर हो रहा है। निर्माण कार्य व्यापक रूप से बढ़ गए हैं और दूसरी ओर पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई की जा रही है। मुंबई की हवा अत्यधिक खराब हो गई है और अतिप्रदूषित शहरों की श्रेणी में मुंबई का नाम शामिल हो गया है।
मुंबई में बढ़ता प्रदूषण ठेकेदारों और निर्माणकर्ताओं तथा निष्क्रिय एवं जनता की पीड़ा के प्रति उदासीन सरकार की विफलता है। महायुति सरकार ने मुंबई की हवा में जहर घोला है और मुंबईवासियों के जीवन तथा शहर के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। मुंबई कांग्रेस मुंबईवासियों के स्वच्छ हवा के मूलभूत अधिकार के लिए संघर्ष करेगी। मुंबई क्लीन एयर एक्शन प्लान यानी बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ ठोस उपायों वाला हमारा घोषणापत्र जारी किया गया।
इस अवसर पर यू.बी. व्यंकटेश और सचिन सावंत ने भी कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण लाना होगा और कांग्रेस इसके लिए प्रतिबद्ध है।
मुंबई कांग्रेस के वायु प्रदूषण घोषणापत्र की मुख्य बातें
घोषणापत्र में स्वच्छ हवा को मुंबईवासियों का मूलभूत अधिकार बताते हुए ‘राइट टू क्लीन एयर’ की बात कही गई है। हवा की गुणवत्ता की निगरानी के लिए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सक्षम बनाया जाएगा। प्रदूषण हॉटस्पॉट वाले स्थानों पर 24×7 निगरानी की जाएगी। कांग्रेस सत्ता में आने पर नगर पालिका की नीति में औपचारिक रूप से यह प्रावधान किया जाएगा कि स्वच्छ हवा प्रत्येक मुंबईवासी का मूलभूत अधिकार है।
शहरभर में रियल-टाइम एक्यूआई प्रणाली लागू की जाएगी। प्रत्येक वार्ड, चौराहे, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशन पर बड़े एक्यूआई डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। घंटे-घंटे की एक्यूआई अपडेट ऑनलाइन और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगी। बंद पड़े सेंसर 24 घंटे में ठीक किए जाएंगे।
निर्माण प्रदूषण पर कठोर नियंत्रण के तहत हर निर्माण परियोजना पर फॉगिंग गन, ग्रीन नेट, व्हील-वॉश और एंटी-डस्ट प्रणाली अनिवार्य की जाएगी। नियम तोड़ने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा और बिल्डरों की सार्वजनिक सूची जारी की जाएगी।
औद्योगिक और व्यावसायिक धुएं के नियंत्रण के लिए ‘जीरो ब्लैक-स्मोक मुंबई’ अभियान चलाया जाएगा। वाहन प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पीयूसी न कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बेस्ट की इलेक्ट्रिक बसों का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा।
गंभीर एक्यूआई स्थिति में आपातकालीन कार्रवाई दिल्ली के जीआरएपी से भी सख्त होगी। अगले पांच वर्षों में 10 लाख पेड़ लगाए जाएंगे और ‘ग्रीन मुंबई 2030’ के तहत हरित क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। ‘मुंबई क्लीन एयर वॉर रूम’ की स्थापना की जाएगी और हवा गुणवत्ता प्रबंधन विभाग बनाया जाएगा।
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