सांसद वर्षा गायकवाड ने भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शी व्यवस्था की मांग की
मुंबई: राज्य के कई टोलनाकों पर फास्टैग (FASTag) स्कैनर खराब होने के कारण वाहन चालकों से दोगुना टोल वसूले जाने और अनधिकृत एजेंटों द्वारा अतिरिक्त शुल्क लेने का मामला लोकसभा में उठाया गया। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड (Varsha Gaikwad) ने इस कथित भ्रष्टाचार और टोल नाकों पर दादागिरी पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
हो पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था
सांसद वर्षा गायकवाड (Varsha Gaikwad) ने कहा कि टोल नाकों पर तकनीकी खराबी और गलत वसूली की समस्या दूर करने के लिए सरकार को पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र के शहरी मार्गों और पुलों के लिए एकीकृत पास प्रणाली लागू करने की भी मांग की, ताकि निजी वाहनों और राज्य परिवहन बसों की आवाजाही में होने वाली देरी कम हो सके। इसके साथ ही उन्होंने टोल संकलन प्रणाली के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया।
मंत्री नितिन गडकरी का जवाब
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि टोल मॉनिटरिंग एंड कंट्रोल सेंटर सभी महत्वपूर्ण उपकरणों की लगातार निगरानी करता है। उन्होंने बताया कि सिस्टम इंटीग्रेटर्स, बैंकों और टोल संकलन एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए अलग तंत्र बनाया गया है। नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बताया कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच दर्ज 4.64 अरब फास्टैग लेनदेन में से केवल 1.76 मिलियन लेनदेन में गड़बड़ी पाई गई, जो कुल लेनदेन का मात्र 0.03 प्रतिशत है।
हाईलाइट्स

  • टोलनाकों पर फास्टैग (FASTag) से दोगुनी वसूली का मुद्दा लोकसभा में उठा।
  • सांसद वर्षा गायकवाड (Varsha Gaikwad) ने पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र की मांग की।
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि गड़बड़ी की दर केवल 0.03 प्रतिशत है।
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