21वीं स्फूर्ति यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
वंदे मातरम् के 150वें वर्ष का हुआ भव्य उत्सव
मुंबई : हिंदू नववर्ष चैत्र शुद्ध प्रतिपदा (वर्ष प्रतिपदा) के पावन अवसर पर गुरुवार की रात विलेपार्ले – पूर्व में एक ऐतिहासिक एवं भव्य दृश्य देखने को मिला। जनसेवा समिति, विलेपार्ले के तत्वावधान में आयोजित 21वीं हिंदू नववर्ष स्वागत स्फूर्ति यात्रा में लगभग 10,000 नागरिक शामिल हुए। पार्लेश्वर चौक से लेकर होटल गोकुल तक पूरा परिसर ढोल-नगाड़ों की गूंज और जय-जयकार से गुंजायमान हो उठा।
पांच दिशाओं से निकली यात्रा
यात्रा पार्ले की पांच दिशाओं से शाम लगभग 4 से 5 बजे आरंभ हुई और एक-एक करके रात 6:30 बजे पार्लेश्वर चौक पर एकत्रित हुई। इसके पश्चात यह विशाल जन प्रवाह हनुमान रस्ते से मार्गक्रमण करते हुए होटल गोकुल के पास रात 9:30 बजे संपन्न हुआ। यात्रा के दौरान 45 झांकियों, प्रस्तुतियों एवं प्रदर्शनों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर विश्व रेकॉर्ड का संकल्प
इस वर्ष की यात्रा का विशेष आकर्षण था — वंदे मातरम् के 150वें वर्ष का उत्सव। रात 8 बजे लगभग 8 से 10 हजार पार्लेकर एक स्थान पर एकत्रित होकर सामूहिक रूप से संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया, जो एक विश्व रेकॉर्ड स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम रहा। भारत माता के प्रति आदर और गर्व की यह भावना उपस्थित हर नागरिक के हृदय में प्रतिध्वनित हुई।
20 वर्षों की अटूट परंपरा
पिछले 20 वर्षों से पार्लेकर इस यात्रा को गुढीपाडवा के दिन निकालते आ रहे हैं। इस परंपरा में हर वर्ष नई ऊर्जा और नया संकल्प जुड़ता है। इस बार परिवारों, मित्रों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने मिलकर हिंदू नववर्ष का स्वागत किया।

