क्रिकेट बैट लेकर बेटे का इंतजार करती रही मां
मुंबई : चेंबूर में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से विहान श्रीवास्तव नामक 11 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। इस अप्रत्याशित घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद विहान की मां गहरे सदमे में हैं। पड़ोसियों के अनुसार, वह कई घंटों तक बेटे की क्रिकेट बैट हाथ में लेकर बैठी रहीं और बार-बार यही कहती रहीं कि “उसे क्रिकेट खेलने जाना है, वह अभी घर आ जाएगा।” इस मार्मिक दृश्य ने हादसे की त्रासदी को और गहरा कर दिया है।
घर लौटते समय हुआ हादसा
मंगलवार दोपहर करीब 2:50 बजे चेंबूर के रोड नंबर 11 पर यूनिवर्सल स्कूल की वैन 13 छात्रों को लेकर घर जा रही थी। तभी सड़क किनारे खड़ा पुराना पीपल का पेड़ अचानक वैन पर गिर गया। हादसे में विहान की मौत हो गई, जबकि चार अन्य छात्र घायल हो गए। घायलों का जेन अस्पताल में इलाज जारी है।
आधे घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पेड़ गिरने से वैन का पिछला हिस्सा बुरी तरह दब गया और कई बच्चे उसमें फंस गए। स्थानीय लोगों, बस चालक, दमकल विभाग, पुलिस और बीएमसी की टीम ने राहत अभियान चलाया। चार बच्चों को तुरंत बाहर निकाल लिया गया, लेकिन विहान पेड़ के नीचे बुरी तरह फंस गया था। करीब आधे घंटे बाद क्रेन की मदद से उसे निकाला गया, लेकिन अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

595 पेड़ और शाखाएं गिरने की शिकायतें
बीएमसी हर वर्ष मानसून से पहले खतरनाक पेड़ों की छंटाई, सूखे पेड़ों को हटाने, संतुलन सुधारने और कीटनाशक छिड़काव जैसे कार्य करती है। इसके बावजूद 1 जून 2026 से अब तक शहर में पेड़ या शाखाएं गिरने की 595 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें शहर क्षेत्र में 161, पूर्वी उपनगर में 140 और पश्चिमी उपनगर में 294 मामले शामिल हैं। इन घटनाओं में 11 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई थी। चेंबूर की ताजा घटना के बाद मृतकों की संख्या बढ़ गई है।
पहले भी जा चुकी है एक किशोरी की जान
इससे पहले 10 मई को खार पश्चिम के लिंकिंग रोड पर निर्माण स्थल के पास एक पेड़ ऑटो रिक्शा पर गिरने से 14 वर्षीय आरिका श्रीवास्तव की मौत हो गई थी, जबकि 23 वर्षीय हर्षिता कुमार गंभीर रूप से घायल हुई थीं। हाल ही में बीएमसी सदन में भी खार हादसे को लेकर चर्चा हुई थी, जिसमें खतरनाक पेड़ों की समय पर छंटाई, निजी परिसरों के पेड़ों की निगरानी और मुआवजा नीति को सख्त बनाने की मांग उठी थी। अतिरिक्त आयुक्त प्राजक्ता लवंगारे ने इस संबंध में कड़ी नीति लागू करने का आश्वासन दिया था। लगातार दूसरी मौत के बाद शहर में पेड़ों की सुरक्षा और रखरखाव का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
बीएमसी की जवाबदेही पर उठे सवाल
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य पूरा कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में पेड़ों की छंटाई की गई थी, लेकिन इस हादसे के बाद पेड़ों के रखरखाव और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जवाबदेही एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन ने घटना को केवल प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार करते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया है। मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाडी ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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