30 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका
मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के तहत सोमवार, 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई। इस सूची में पुराने मतदाता रिकॉर्ड के 2 करोड़ 6 लाख 88 हजार 487 नाम शामिल नहीं हो सके हैं। हालांकि, इन मतदाताओं का नाम सूची में नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि उनका मतदान का अधिकार समाप्त हो गया है। पात्र मतदाताओं को 30 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया गया है।
9.78 करोड़ मतदाताओं का हुआ पुनरीक्षण
चुनाव आयोग (Election Commission) के अनुसार, एसआईआर से पहले महाराष्ट्र में कुल 9 करोड़ 78 लाख 54 हजार 49 मतदाता दर्ज थे। इनमें से 7 करोड़ 71 लाख 65 हजार 562 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए हैं। वहीं, 2 करोड़ 6 लाख 88 हजार 487 नाम प्रारंभिक सूची में शामिल नहीं हो सके।
चुनाव आयोग के मुताबिक, नाम शामिल नहीं होने के पीछे कई कारण सामने आए हैं। इनमें मतदाता का दिए गए पते पर नहीं मिलना, दूसरे स्थान पर चले जाना, मृत्यु हो जाना, किसी अन्य स्थान पर दोबारा पंजीकरण होना और अन्य कारण शामिल हैं। ऐसे मतदाताओं को ‘अनकलेक्टेबल ईएफ’ (Uncollectable EF) श्रेणी में रखा गया है।
पुणे में सबसे ज्यादा नाम
जिला स्तर पर ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक पुणे (Pune) में है। यहां 28 लाख 66 हजार 481 नाम शामिल नहीं हो सके हैं। इसके बाद ठाणे (Thane) में 28 लाख 59 हजार 377, मुंबई उपनगर (Mumbai Suburban) में 26 लाख 58 हजार 202, नागपुर (Nagpur) में 14 लाख 43 हजार 267 और नाशिक (Nashik) में 10 लाख 27 हजार 792 नाम शामिल नहीं हो सके। इन पांच जिलों में ही कुल 1 करोड़ 8 लाख 55 हजार 119 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हैं।
ड्राफ्ट सूची में 7.71 करोड़ मतदाता
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, ड्राफ्ट सूची में शामिल मतदाताओं में 3 करोड़ 95 लाख 89 हजार 905 पुरुष, 3 करोड़ 75 लाख 72 हजार 570 महिलाएं और 3,087 तृतीयपंथी मतदाता शामिल हैं।
हालांकि, आधिकारिक एनेक्सर-2 (Annexure-2) में ड्राफ्ट सूची से हटे या शामिल नहीं हो सके 2 करोड़ 6 लाख 88 हजार 487 मतदाताओं का पुरुष और महिला के आधार पर अलग-अलग आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है।
नाम नहीं है तो करें दावा
चुनाव आयोग ने पात्र मतदाताओं को दावा और आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया है। 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक मतदाता अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 (Form-6), किसी नाम पर आपत्ति के लिए फॉर्म-7 (Form-7) और मतदाता सूची में सुधार के लिए फॉर्म-8 (Form-8) का इस्तेमाल किया जा सकता है।
4 नवंबर को अंतिम सूची
दावों और आपत्तियों पर सुनवाई तथा आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों में इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए मतदाता पंजीकरण अधिकारी और 7 हजार से अधिक सहायक अधिकारी काम कर रहे हैं।
महाराष्ट्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची से 2.06 करोड़ नाम गायब : SIR के तहत जारी हुई प्रारंभिक सूची

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