40 वर्षों से लंबित मामले पर महत्वपूर्ण फैसला
पालघर : महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के निर्देशों के बाद राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने एक बड़ा निर्णय लिया है। पालघर (Palghar) जिले के हनुमाननगर (Hanumannagar) और नेवाले (Newale) में पिछले 40 वर्षों से लंबित 7/12 (7/12 Extract) का मामला सुलझा लिया गया है। इस निर्णय के तहत वास्तविक कब्जे के आधार पर नए 7/12 अधिकार पत्र तैयार करने और वर्ष 1991 तक के कृषि अतिक्रमणों को नियमित करने की मंजूरी दे दी गई है। इससे वाधवन पोर्ट ‘ग्रीनफील्ड हाईवे’ (Vadhavan Port Greenfield Highway) के लिए भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है और सूर्या परियोजना (Surya Project) के प्रभावितों को बड़ी राहत मिली है।
किसानों की पुरानी समस्याओं का समाधान
वर्ष 1980 से 1985 के बीच सूर्या परियोजना के तहत पुनर्वासित किए गए लोगों को आवंटित जमीनों के राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर था। कुछ जमीनों के 7/12 न बनने के कारण स्थानीय प्रभावित लोग फसल ऋण, फसल बीमा और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे। इसी वजह से स्थानीय नागरिक 7/12 के सटीक रिकॉर्ड बनने तक वाधवन पोर्ट ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए भूमि देने का विरोध कर रहे थे।
डिजिटल तकनीक से तैयार होंगे नए रिकॉर्ड
शासन के निर्णय के अनुसार वर्ष 1970 के आवंटन आदेशों और जमीनों की जांच कर वास्तविक कब्जे के आधार पर नए 7/12 बनाए जाएंगे। वर्ष 1991 तक के कृषि प्रयोजन के अतिक्रमणों को परिवार के आधार पर 2 एकड़ की सीमा तक नियमित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में एमआरएसएसी (MRSAC – Maharashtra Remote Sensing Applications Centre) की सैटेलाइट छवियों, जीआईएस (GIS – Geographic Information System) और ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से डिजिटल नक्शे तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा जांच के दौरान वैध सीमा से अधिक पाई गई भूमि को शासन के खाते में जमा किया जाएगा।
जिलाधिकारी को विशेष अधिकार दिए गए
अनेक वर्षों से लंबित फेरबदल (Mutation Entries) में हुई देरी को सरकार ने माफ कर दिया है। पालघर के जिलाधिकारी को महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 (Maharashtra Land Revenue Code, 1966) की धारा 257 के तहत सुनवाई कर पुनर्वितरण का आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
परियोजना के कार्य में आएगी तेजी
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि वाधवन पोर्ट हाईवे के लिए हनुमाननगर की 15.07 हेक्टेयर और नेवाले की 56.68 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर लिए गए इस निर्णय से 7/12 का विवाद समाप्त होगा और भूमि अधिग्रहण का विरोध खत्म होगा, जिससे इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के कार्य को गति मिलेगी।
