Hindi News / Featured / Mumbai

मुंबई के सात कोलीवाड़ों का तीन महीने में होगा सीमांकन : 12 साल पुराने मामले के समाधान की पहल

Article Top Ad

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने लिया महत्वपूर्ण फैसला, नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित
मुंबई (Mumbai), 10 अक्टूबर। मुंबई (Mumbai) के मूल निवासियों में शामिल कोली समुदाय के कानूनी अधिकारों और उनकी जमीनों के संरक्षण की दिशा में महाराष्ट्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पिछले 12 वर्षों से लंबित मुंबई के सात कोलीवाड़ों के सीमांकन का मामला सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) की पहल से यह निर्णय लिया गया है। समिति को सीमांकन से जुड़ी आपत्तियों का अध्ययन कर सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपनी होंगी।
राज्य सरकार के इस फैसले के तहत मुंबई के शिवड़ी (Sewri), सायन (Sion), कुलाबा (Colaba), माहिम (Mahim), मांडवी-प्रिंसेस डॉक (Mandvi-Princess Dock), वरली (Worli) और कफ परेड (Cuffe Parade) स्थित सात कोलीवाड़ों के सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। इसमें माहिम मार्केट (Mahim Market) क्षेत्र भी शामिल है।
इन कोलीवाड़ों की सीमाएं निर्धारित करने के लिए पहले स्थल निरीक्षण और जमीन की माप कर नक्शे तैयार किए गए थे। हालांकि, इन नक्शों में दर्शाई गई सीमाओं पर विभिन्न प्राधिकरणों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसी कारण सीमांकन की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी।
कोंकण विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित
सीमांकन से जुड़े विवादों के समाधान के लिए कोंकण विभागीय आयुक्त (Konkan Divisional Commissioner) की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। इसमें महाराष्ट्र राज्य के जमाबंदी आयुक्त एवं भूमि अभिलेख निदेशक, पुणे (Pune), बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) के अतिरिक्त आयुक्त (शहर), मुंबई शहर और मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा बृहन्मुंबई महानगरपालिका के नगर अभियंता विभाग के शहर अभियंता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक तथा मत्स्यव्यवसाय विभाग के सहायक आयुक्त को भी समिति में शामिल किया गया है। कोंकण क्षेत्र के भूमि अभिलेख उपनिदेशक समिति के सदस्य सचिव होंगे।
कोली संगठनों और आपत्तिकर्ताओं की होगी सुनवाई
समिति मुंबई शहर जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा तैयार किए गए सात कोलीवाड़ों के सीमांकन संबंधी माप नक्शों की जांच करेगी। इन नक्शों पर दर्ज आपत्तियों को लेकर संबंधित आपत्तिकर्ताओं और कोली संगठनों के प्रतिनिधियों का पक्ष सुना जाएगा।
सभी संबंधित पक्षों की सुनवाई और उपलब्ध दस्तावेजों के अध्ययन के बाद समिति सीमांकन को अंतिम रूप देने के संबंध में राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी। इससे सीमांकन की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
तीन महीने में सरकार को सौंपनी होगी रिपोर्ट
समिति को राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 9 सितंबर 2024 को हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई पर भी विचार करना होगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों और विशेषज्ञों को समिति की बैठकों में आमंत्रित करने का अधिकार भी दिया गया है। राज्य सरकार ने समिति को तीन महीने के भीतर विस्तृत और स्पष्ट सिफारिश रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। हालांकि, सीमांकन को अंतिम मंजूरी देने का निर्णय समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार द्वारा लिया जाएगा।
कोली समुदाय के अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता
इस निर्णय पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कोली समुदाय मुंबई का मूल निवासी है और उसके अधिकारों की रक्षा करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए समिति गठित करने का आदेश जारी किया गया है।
बावनकुले ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से लंबित सीमांकन के मामले को सुलझाने के लिए समिति को पारदर्शी तरीके से अध्ययन कर तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी कोली समुदाय के सदस्य के अधिकारों को प्रभावित किए बिना उनकी जमीनों का संरक्षण करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के इस फैसले से मुंबई के सात कोलीवाड़ों के सीमांकन से जुड़े लंबे समय से लंबित विवाद के समाधान का रास्ता खुलने की उम्मीद है।

Article Inline Ad
Article Bottom Ad