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उजनी बांध क्षेत्र में बनेगा अक्षय ऊर्जा और एआई हब!

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2,000 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट प्रस्तावित
1,400 मेगावाट का डेटा सेंटर को होगा निर्माण

मुंबई: महाराष्ट्र के उजनी बांध (Ujani Dam) क्षेत्र को अक्षय ऊर्जा और अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का बड़ा केंद्र बनाने की योजना तैयार की गई है। जेडब्ल्यू ग्लोबल (JW Global) ने इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत 2,000 मेगावाट की तैरती सौर ऊर्जा परियोजना, 1,800 मेगावाट की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और 1,400 मेगावाट क्षमता वाला कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना है। इसे कंपनी की ‘द सीड’ (The Seed – Sustainable Eco-Enterprise District) परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा।
तीन बड़ी परियोजनाएं होंगी आधार
योजना के तहत उजनी जलाशय (Ujani Reservoir) के करीब 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जाएगा। दिन में बनने वाली बिजली डेटा सेंटर की जरूरतों को पूरा करेगी, जबकि अतिरिक्त बिजली बैटरी में जमा की जाएगी। इसका इस्तेमाल रात में और सौर ऊर्जा का उत्पादन कम होने पर किया जाएगा। पहले चरण में 500 मेगावाट क्षमता विकसित करने का प्रस्ताव है। वर्ष 2031 तक डेटा सेंटर की पूरी 1,400 मेगावाट क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
पानी और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
परियोजना में सालाना अधिकतम 0.50 टीएमसी पानी की जरूरत का अनुमान है। पानी की खपत कम करने के लिए आधुनिक लिक्विड कूलिंग तकनीक और ड्राई कूलर लगाए जाएंगे। साथ ही, शून्य तरल अपशिष्ट निर्वहन (ZLD) व्यवस्था अपनाई जाएगी। इससे जलाशय में अपशिष्ट पानी नहीं छोड़ा जाएगा। सौर परियोजना के बावजूद जलाशय का करीब 91 प्रतिशत सतही क्षेत्र खुला रहेगा।
40 हजार रोजगार के अवसरों का अनुमान
कंपनी के अनुसार, परियोजना से करीब 2,800 स्थायी नौकरियां और निर्माण, आपूर्ति तथा संबंधित सेवाओं में लगभग 40,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

जेडब्ल्यू ग्रुप (JW Group) के संचालन निदेशक संजय वाजे (Sanjay Waze) ने कहा कि परियोजना में ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का समन्वय किया जाएगा। वहीं, ग्लोबल डायरेक्टर मार्क बेली (Mark Bailey) ने स्थानीय समुदायों की भागीदारी और क्षेत्र के दीर्घकालिक आर्थिक विकास पर जोर दिया।
भीमानगर में सामाजिक सुविधाओं का प्रस्ताव
कंपनी ने भीमानगर (Bhimanagar) में स्वास्थ्य सुविधाएं, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, तकनीकी प्रशिक्षण और सामुदायिक बुनियादी ढांचे के विकास की पहलें भी प्रस्तावित की हैं। हालांकि, पूरी परियोजना का क्रियान्वयन आवश्यक वैधानिक, तकनीकी और पर्यावरण संबंधी मंजूरियां मिलने पर निर्भर करेगा।

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